गरीबी और संघर्ष को मात देकर ममाणे के कल्पेश पारधी बने पुलिस शिपाई, पुणे कारागार विभाग में चयन
गरीब परिवार से आने वाले ममाणे गांव के कल्पेश मच्छिंद्र पारधी ने संघर्ष और मेहनत के दम पर पुणे कारागार विभाग में पुलिस शिपाई पद हासिल कर प्रेरणा दी।

तस्वीर में कल्पेश मच्छिंद्र पारधी कैमरे की ओर खड़े दिखाई दे रहे हैं।
शिरपूर (प्रतिनिधि): जिद्द, मेहनत और निरंतर प्रयास के बल पर किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। इसका प्रेरणादायी उदाहरण ममाणे गांव के कल्पेश मच्छिंद्र पारधी ने प्रस्तुत किया है। अत्यंत गरीब परिवार से आने वाले कल्पेश का चयन पुणे कारागार विभाग में पुलिस (शिपाई) पद पर हुआ है।
कल्पेश मच्छिंद्र पारधी के माता-पिता मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। बचपन से ही घर की आर्थिक परिस्थितियों के कारण उन्हें भैंस चराने, खेती के काम करने और अन्य मेहनत-मजदूरी से जुड़े कार्य करने पड़े। आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी और पुलिस भर्ती की तैयारी भी लगातार करते रहे। कठोर परिश्रम, नियमित अभ्यास और आत्मविश्वास के बल पर उन्होंने यह सफलता हासिल की।
कल्पेश की इस उपलब्धि से ममाणे गांव में खुशी का माहौल है। गांववासियों ने उनके साथ-साथ उनके परिवार का भी अभिनंदन किया है। उनकी सफलता की कहानी ग्रामीण क्षेत्र के अनेक युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन रही है।
कल्पेश पारधी की सफलता इस संदेश को भी मजबूत करती है कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, यदि जिद्द और मेहनत कायम रहे तो सफलता अवश्य मिलती है।
कल्पेश मच्छिंद्र पारधी का तापी विद्या प्रसारक संस्था के सुभाष भामरे, माजी सरपंच, सुदाम भलकार, जयश्री धनगर, सुनिल धनगर, माजी उपसरपंच ओंकार पाटील, विशाल कंरके, प्रफुल्ल पाटील, भुषण माधव बाबुल, प्रविण शिंदे, माध्यमिक विद्यालय के मुख्याध्यापक रावसाहेब चव्हाण तथा ग्रामस्थों ने अभिनंदन कर उन्हें शुभकामनाएं दी हैं।

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