बदलते समय में ज्ञान का दायरा लगातार बढ़ रहा है और भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए शिक्षकों का स्वयं को निरंतर अद्यतन रखना आवश्यक है। कागल तालुका की विस्तार अधिकारी (शिक्षण) सौ. सारिका कासोटे ने कहा कि नए पाठ्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन और ज्ञान समृद्धि के लिए प्रशिक्षण की नितांत आवश्यकता है।

कागल तालुका के शिक्षकों के लिए दूसरी, तीसरी, चौथी और छठी कक्षा के परिवर्तित पाठ्यक्रम के अनुसार प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण वर्ग को संबोधित करते हुए सौ. सारिका कासोटे ने कहा कि बदलते दौर में शिक्षकों को स्वयं को अपडेट रखना होगा, ताकि वे भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विद्यार्थियों का मार्गदर्शन कर सकें।

उन्होंने कहा कि प्रतिस्पर्धा के इस दौर में विद्यार्थियों को सक्षम बनाने के उद्देश्य से राज्य मंडल ने सीबीएसई की तर्ज पर नए पाठ्यक्रम तैयार किए हैं। इन पाठ्यक्रमों में निर्धारित लक्ष्यों, उद्देश्यों और अध्ययन निष्पत्तियों को प्राप्त करने के लिए शिक्षकों का पूरी तन्मयता के साथ प्रशिक्षण लेना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रम में किए गए नए बदलावों को समझकर यदि उनका उपयोग दैनिक अध्यापन में किया जाए तो राज्य मंडल का उद्देश्य सफलतापूर्वक पूरा करने में सहायता मिलेगी।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान बीआरसी के शहाजी पाटील, प्रज्ञा पाटील, सुलभक शिवाजी पाटील, विकास डांगे, सुनील माजगांवकर, युवराज वाईगडे, एस. डी. कांबळे, दीपक सुतार, शशिकांत माळी, सविता पाटील, राजश्री पाटील, मंगल किरुळकर, गायत्री डवरी, रेखा कपले सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं।

केनवडे में आयोजित इस प्रशिक्षण वर्ग में विस्तार अधिकारी (शिक्षण) सौ. सारिका कासोटे ने शिक्षकों को नए पाठ्यक्रम की प्रभावी समझ विकसित करने और उसे नियमित अध्यापन में लागू करने पर विशेष जोर दिया।

Pratahkal Bureau

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