कागल शिक्षक पतसंस्था की वार्षिक सभा में 21.95 लाख का लाभ, सदस्यों को 20% लाभांश
कागल शिक्षक पतसंस्था की 31वीं वार्षिक सभा में 21.95 लाख लाभ और 20% लाभांश की जानकारी दी गई, साथ ही ऋण सुविधाओं का विवरण सामने आया।

तस्वीर में माऊली हॉल, भडगाव में आयोजित कागल तालुका प्राथमिक शिक्षक पतसंस्था की वार्षिक आमसभा को संबोधित करते हुए चेयरमैन आर. एस. पाटील और मंच पर उपस्थित संचालक व पदाधिकारी।
कागल तालुका प्राथमिक शिक्षक पतसंस्था की 31वीं वार्षिक आमसभा माऊली हॉल, भडगाव में सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई। संस्था का कामकाज पारदर्शी और मितव्ययी तरीके से चल रहा है। सभी प्रकार के ऋण पर 9 प्रतिशत ब्याज दर तथा 10 लाख रुपये तक का ऋण बिना शेयर कटौती के दिया गया है। संस्था को 21 लाख 95 हजार रुपये का लाभ हुआ है और सदस्यों को 20 प्रतिशत लाभांश दिया गया है, यह जानकारी चेयरमैन आर. एस. पाटील ने दी।
सभा के दौरान कागल की सभापति सुवर्णा शशिकांत पाटील, प्रभारी समूह शिक्षा अधिकारी सारिका कासोटे तथा संचालन समिति के सदस्य प्रमुख रूप से उपस्थित थे। उनका सत्कार वसंत जाधव और जी. एस. पाटील के हाथों किया गया।
इस अवसर पर संस्था के सेवानिवृत्त सदस्यों, पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों तथा प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल सदस्यों के बच्चों का विभिन्न मान्यवरों के हाथों सत्कार किया गया।
सभा में एस. के. पाटील, भीमराव कोगले, सुकुमार पाटील, आनंदा सावर्डेकर, कावेरी चव्हाण, पांडुरंग ननवरे, वाइस चेयरमैन पुष्पलता खोत, संदीप शिंदे, महादेव कोरे, पांडूरंग चव्हाण, काशिनाथ सुतार, विजय पाटील, आनंदा पाटील, कृष्णात कुंभार, संदीप पाटील, संजय चिखलीकर, प्रज्ञा पाटील, सागर डवरी और आनंदा मालवेकर सहित सदस्य उपस्थित थे।
चेयरमैन आर. एस. पाटील ने प्रस्तावना रखी। प्रबंधक किरण पाटील ने विषय पत्रिका का वाचन किया। विजय पाटील ने संचालन किया, जबकि पुष्पलता खोत ने आभार व्यक्त किया।
फोटो पंक्ति : कागल तालुका प्राथमिक शिक्षक पतसंस्था की वार्षिक आमसभा में संबोधित करते चेयरमैन आर. एस. पाटील। मंच पर उपस्थित संचालक और पदाधिकारी।

Vijay Morbale, Kolhapur
पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)
शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा
परिचय:
विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।
कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:
विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।
पत्रकारिता का दृष्टिकोण:
सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।
ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।
