कागल तालुका में किसानों की फसलों को बड़े पैमाने पर हुए नुकसान के बाद तालुका को सूखाग्रस्त घोषित करने और प्रभावित किसानों को तत्काल आर्थिक सहायता देने की मांग तेज हो गई है। इसी मांग को लेकर सोनाली गांव की करीब 200 महिलाओं और नागरिकों ने श्री क्षेत्र गणपतिपुळे पहुंचकर श्री गणराय के चरणों में गुहार लगाई।

अंगारकी संकष्टी चतुर्थी के अवसर पर सोनाली के श्रद्धालु गणपतिपुळे गए थे। श्री गणराय के दर्शन के बाद उन्होंने कागल तालुका के किसानों पर आए संकट को दूर करने, उनकी फसलों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए सरकार से मदद का हाथ बढ़ाने और कागल तालुका को सूखाग्रस्त घोषित करने की प्रार्थना की।

कागल तालुका में धान, मूंगफली, सोयाबीन, गन्ना आदि फसलों को बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। हाथ में आए निवाले के छिन जाने से किसान आर्थिक संकट में हैं। ग्रामीणों ने मांग की कि सरकार तत्काल नुकसान के पंचनामे कराकर वास्तविक स्थिति का जायजा ले और पात्र किसानों को आवश्यक आर्थिक सहायता उपलब्ध कराए।

भूविकास बैंक कर्जमाफी कार्रवाई समिति के अध्यक्ष समाधान म्हातुगडे ने कहा, “माय-बाप सरकार कागल तालुका को सूखाग्रस्त घोषित कर बळीराजा को राहत दे। धान, मूंगफली, सोयाबीन, गन्ना आदि फसलों को बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। सरकार तत्काल पंचनामे कराकर वास्तविक स्थिति का जायजा ले और पात्र किसानों को आवश्यक सहायता दे। कागल तालुका की स्थिति पर गंभीरता से विचार करते हुए सूखे को लेकर तत्काल निर्णय लिया जाए।”

इस उपक्रम की संकल्पना और नियोजन पूर्व ग्राम पंचायत सदस्य समाधान म्हातुगडे ने किया। सहली के नियोजन में शैलेंद्र पोवार, समाधान चौगले, शिवाजी बचाटे सहित सहयोगियों ने मेहनत की। सोनाली की महिलाएं और नागरिक बड़ी संख्या में इस उपक्रम में शामिल हुए।

कागल तालुका को सूखाग्रस्त घोषित करने और किसानों को तत्काल सहायता दिलाने की मांग को लेकर गणपतिपुळे में श्री गणराय के समक्ष लगाई गई यह गुहार किसानों की फसल क्षति और आर्थिक संकट के बीच शासन से त्वरित मदद की अपेक्षा को सामने रखती है।

Vijay Morbale, Kolhapur

Vijay Morbale, Kolhapur

पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)

शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा

परिचय:

विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।

कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:

विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।

पत्रकारिता का दृष्टिकोण:

सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।

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