राजे विक्रमसिंह घाटगे जयंती पर 26 जुलाई को 25वीं भव्य चित्रकला प्रतियोगिता, चार केंद्रों पर होगा आयोजन
राजे विक्रमसिंहजी घाटगे की 78वीं जयंती पर 26 जुलाई 2026 को कागल, मुरगूड, सेनापती कापशी और कणेरी में 25वीं भव्य चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित होगी। प्रवेश निःशुल्क रहेगा।

तस्वीर में शाहू उद्योग समूह के संस्थापक स्व. राजे विक्रमसिंहजी घाटगे नजर आ रहे हैं, जो सफेद बंदगला कोट पहने हुए मुस्कुरा रहे हैं।
शाहू उद्योग समूह के संस्थापक स्व. राजे विक्रमसिंहजी घाटगे की 78वीं जयंती के अवसर पर रविवार, 26 जुलाई 2026 को भव्य चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। श्री छत्रपती शाहू सहकारी साखर कारखाना प्रणीत श्री छत्रपती शाहू कला, क्रीडा व सांस्कृतिक मंडळ की ओर से आयोजित यह प्रतियोगिता इस वर्ष अपने रौप्यमहोत्सवी यानी 25वें वर्ष में प्रवेश कर रही है।
यह प्रतियोगिता कागल तालुका तथा शाहू साखर कारखाना कार्यक्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए खुली रहेगी। ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों की कलात्मक प्रतिभा को मंच उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस उपक्रम का आयोजन किया जाता है। स्व. राजे विक्रमसिंहजी घाटगे के जन्मदिन के अवसर पर 24 वर्ष पहले इस प्रतियोगिता की शुरुआत की गई थी। उनके निधन के बाद उनकी जयंती पर यह आयोजन लगातार जारी है और इस वर्ष लगातार 25वीं बार प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है।
इस वर्ष प्रतियोगिता कागल, मुरगूड, सेनापती कापशी और कणेरी (ता. करवीर) इन चार केंद्रों पर एक साथ आयोजित होगी। प्रतियोगिता पहली से तीसरी, चौथी से पांचवीं, छठी से सातवीं, आठवीं से दसवीं, मूकबधिर (पहली से चौथी तथा पांचवीं से दसवीं) और मतिमंद सहित कुल सात वर्गों में आयोजित की जाएगी। प्रतियोगिता में प्रवेश पूरी तरह निःशुल्क रहेगा।
प्रतियोगिता का समय भी निर्धारित कर दिया गया है। सुबह 10 बजे छठी से सातवीं, आठवीं से दसवीं, मूकबधिर तथा मतिमंद वर्गों की प्रतियोगिताएं शुरू होंगी। वहीं दोपहर 1.30 बजे पहली से तीसरी तथा चौथी से पांचवीं वर्ग के विद्यार्थियों की प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी।
पहली से तीसरी कक्षा के विद्यार्थियों को रंगीन खड़िया या स्केच पेन का उपयोग करने की अनुमति होगी। अन्य सभी वर्गों के प्रतिभागियों को वॉटर कलर का उपयोग करना होगा। मूकबधिर वर्ग के विद्यार्थियों को रंगीन खड़िया, स्केच पेन अथवा वॉटर कलर में से किसी भी माध्यम का उपयोग करने की छूट दी गई है।
प्रतियोगिता कागल स्थित श्रीमंत जयसिंगराव घाटगे हाईस्कूल एवं जूनियर कॉलेज शिक्षण संकुल, मुरगूड स्थित मुरगूड विद्यालय, सेनापती कापशी स्थित न्यायमूर्ति रानडे विद्यालय तथा कणेरी स्थित श्री काडसिद्धेश्वर हाईस्कूल एवं जूनियर कॉलेज में आयोजित की जाएगी।
प्रतियोगिता में भाग लेने के इच्छुक विद्यार्थियों से अपील की गई है कि वे अपनी-अपनी शाला के माध्यम से मुख्याध्यापक के हस्ताक्षर सहित शुक्रवार, 23 जुलाई 2026 तक संबंधित केंद्र पर अपना पंजीकरण कराएं। प्रतियोगिता का मूल्यांकन प्रसिद्ध एवं विशेषज्ञ चित्रकारों द्वारा किया जाएगा। विजेताओं को समारोहपूर्वक पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे, जबकि सभी प्रतिभागियों को उनकी संबंधित शालाओं के माध्यम से सहभागिता प्रमाणपत्र उपलब्ध कराया जाएगा।

Vijay Morbale, Kolhapur
पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)
शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा
परिचय:
विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।
कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:
विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।
पत्रकारिता का दृष्टिकोण:
सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।
ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।
