कोल्हापुर के कागल शहर में रिहायशी क्षेत्र के बीच संचालित मटन मार्केट को लेकर स्थानीय नागरिकों का आक्रोश बढ़ गया है। क्षेत्रवासियों ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी, कागल नगरपरिषद को ज्ञापन सौंपकर मटन मार्केट, मछली बिक्री केंद्र और चिकन बिक्री केंद्र को तत्काल किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग की है। नागरिकों का कहना है कि मौजूदा व्यवस्था के कारण क्षेत्र में दुर्गंध, अस्वच्छता, आवारा कुत्तों का बढ़ता आतंक और स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं।

ज्ञापन में कहा गया है कि मटन मार्केट में काटे जाने वाले पशुओं का रक्त नालियों में छोड़ा जाता है। इसके अलावा मांस के अवशेष और अन्य कचरा परिसर में ही पड़ा रहता है। वहीं, मटन मार्केट के सामने मुख्य सड़क पर खुले में मछली की बिक्री की जाती है, जहां मछलियों के शल्क, आंतें और अन्य गंदगी उसी स्थान पर फेंक दी जाती है। इसके कारण पूरे इलाके में तीव्र दुर्गंध फैल रही है।

स्थानीय रहवासियों ने आशंका जताई है कि ऐसी परिस्थितियों से मलेरिया, डेंग्यू और चिकनगुनिया जैसी संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि मांस के फेंके गए अवशेषों के कारण आवारा कुत्तों की संख्या बढ़ गई है और छोटे बच्चों सहित नागरिकों पर कुत्तों के हमले की घटनाएं सामने आ रही हैं। इसके अलावा पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं होने से यातायात बाधित होता है और स्थानीय लोगों को रोजमर्रा की परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

इन सभी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए स्थानीय नागरिकों ने मटन मार्केट, मछली बिक्री केंद्र और चिकन बिक्री केंद्र को तत्काल अन्यत्र स्थानांतरित करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि इस संबंध में शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो कागल नगरपरिषद तथा जिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष आंदोलन किया जाएगा।

इस ज्ञापन पर प्राजक्ता निलेश मोहिते, सविता सदाशिव चव्हाण, अर्चना सचिन मोहिते, अश्विनी संदीप मोहिते, ललिता राजू कमते सहित क्षेत्र के अनेक रहवासियों के हस्ताक्षर हैं। ज्ञापन की एक प्रति निवासी अपर जिलाधिकारी, कोल्हापुर को भी सौंपी गई है।

Vijay Morbale, Kolhapur

Vijay Morbale, Kolhapur

पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)

शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा

परिचय:

विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।

कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:

विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।

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सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।

ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।

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