कागल: 9 लाख के बदले 26 लाख देने पर भी उत्पीड़न, कर्जदार ने की आत्महत्या
कागल तहसील में साहूकार की प्रताड़ना से तंग आकर व्यक्ति ने कीटनाशक खाकर जान दे दी। पत्नी की शिकायत पर मुरगूड पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

तस्वीर में दिख रहे नीले बैकग्राउंड के सामने खड़े श्रीधर दत्तात्रय डावरे की पासपोर्ट फाइल फोटो।
कागल तालुका के सोनगे गांव में श्रीधर दत्तात्रय डावरे (47) ने विषाक्त कीटनाशक दवा का सेवन कर आत्महत्या कर ली। मृतक की पत्नी ने निजी साहूकार के कथित उत्पीड़न से परेशान होकर पति द्वारा आत्महत्या किए जाने की शिकायत मुरगूड पुलिस में दर्ज कराई है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने बानगे, तहसील कागल निवासी निवास अण्णासो पाटील के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, श्रीधर डावरे ने निवास पाटील से 9 लाख रुपये लिए थे। इसके बदले वह 26 लाख रुपये वापस कर चुके थे। इसके बावजूद संदिग्ध निवास पाटील उनसे 25 लाख रुपये और देने की मांग कर रहा था तथा धमकी दे रहा था। इसी के चलते पति श्रीधर डावरे ने कीटनाशक दवा का सेवन किया, ऐसा पत्नी सविता डावरे ने अपनी शिकायत में कहा है।
बुधवार (23 तारीख) को दवा का सेवन करने के बाद श्रीधर डावरे को तत्काल निपाणी के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके बाद आगे के उपचार के लिए उन्हें सीपीआर अस्पताल में भर्ती कराया गया। उपचार के दौरान शनिवार (26 तारीख) को उनकी मौत हो गई।
दवा का सेवन करने के बाद डावरे ने अपनी पत्नी के मोबाइल पर संदेश भेजा था। इसमें उन्होंने लिखा था, "सविता, तूने मेरे लिए बहुत कुछ किया, लेकिन मैं तुम्हारे लिए कुछ नहीं कर सका। मेरी जेब में चिट्ठी रखी है। अब मुझसे सहन नहीं होता।" उन्होंने चिट्ठी की तस्वीरें भी पत्नी के मोबाइल पर भेजी थीं।
इस घटना को लेकर पत्नी सविता डावरे ने मुरगूड पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। इसके आधार पर पुलिस ने निवास पाटील के खिलाफ मामला दर्ज किया है। मामले की आगे की जांच सहायक पुलिस निरीक्षक क्रांति पाटील कर रही हैं।

Vijay Morbale, Kolhapur
पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)
शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा
परिचय:
विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।
कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:
विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।
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