कागल में पारिवारिक संवाद पर सत्र, नवोदिता घाटगे और डॉ. केतकी म्हस्कर की रही उपस्थिति
राजे विक्रमसिंह घाटगे फाउंडेशन और राजमाता जिजाऊ महिला समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में महिलाओं ने सीखे पारिवारिक रिश्तों को मजबूत करने के गुर।

कागल के श्रीराम मंदिर में आयोजित मार्गदर्शन सत्र के दौरान मंच पर उपस्थित राजे बैंक की अध्यक्षा नवोदिता घाटगे, मुख्य वक्ता डॉ. केतकी म्हस्कर, सारिका बारड, साधना पाटील व अन्य महिलाएं।
परिवारों में बढ़ती संवादहीनता के बीच कागल के श्रीराम मंदिर में आयोजित “संवादातून नाती खुलवूया” विशेष मार्गदर्शन सत्र ने पारिवारिक रिश्तों को मजबूत बनाने का प्रभावी संदेश दिया। राजे विक्रमसिंह घाटगे फाउंडेशन और राजमाता जिजाऊ महिला समिति, कागल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में महिलाओं की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।
आई–बच्चों तथा दादी–नाती-पोतों के बीच संबंधों में संवाद के महत्व, भावनात्मक समझ, पीढ़ियों के बीच बढ़ती दूरी को कम करने और पारिवारिक रिश्तों को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से इस विशेष उपक्रम का आयोजन किया गया था।
कार्यक्रम में प्रमुख वक्ता के रूप में डॉ. सौ. केतकी म्हस्कर ने उपस्थित महिलाओं का मार्गदर्शन किया। उन्होंने भावनात्मक बुद्धिमत्ता, संवाद कौशल तथा परिवार के भीतर रिश्तों को बनाए रखने के लिए आवश्यक मनोवैज्ञानिक पहलुओं को विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा कि सुनना, समझना और सकारात्मक संवाद ही रिश्तों की वास्तविक ताकत है।
राजे बैंक की अध्यक्षा नवोदिता घाटगे ने कहा कि आज के भागदौड़ भरे जीवन में परिवार के भीतर संवाद लगातार कम होता जा रहा है। ऐसे मार्गदर्शन सत्र समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि छोटे बच्चे बड़ों का अनुकरण करते हैं, इसलिए कम उम्र से ही उन्हें व्यवहारिक रूप से अच्छे संस्कार देना आवश्यक है। महिलाओं के सशक्तिकरण के साथ-साथ परिवार के भीतर रिश्तों को और मजबूत बनाना समय की आवश्यकता है।
कार्यक्रम के दौरान संवाद, प्रश्नोत्तर और अनुभव साझा करने के सत्रों ने पूरे वातावरण को भावनात्मक और प्रेरणादायी बना दिया। उपस्थित महिलाओं ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए पारिवारिक संवाद के महत्व पर विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम में कागल नगरपालिका की महिला एवं बाल कल्याण समिति की सभापति सारिका बारड, नगरसेविका साधना पाटील, मेघा माने तथा राजे बैंक की संचालिका नम्रता कुलकर्णी की प्रमुख उपस्थिति रही।
कार्यक्रम ने पारिवारिक रिश्तों में संवाद, समझ और भावनात्मक जुड़ाव के महत्व को रेखांकित करते हुए समाज में सकारात्मक पारिवारिक मूल्यों को मजबूत करने का संदेश दिया।

Vijay Morbale, Kolhapur
पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)
शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा
परिचय:
विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।
कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:
विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।
पत्रकारिता का दृष्टिकोण:
सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।
ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।
