कागल तालुका के चौंडाळ गांव में पिछले एक महीने से काविळी का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। अब तक 30 से अधिक मरीज सामने आने से ग्रामीणों में भय का माहौल है। कई मरीजों का भडगाव, सावर्डे खुर्द और मुरगूड के निजी अस्पतालों में उपचार चल रहा है।

गांव में काविळी का पहला मरीज 13 जुलाई 2026 को 17 वर्षीय युवती के रूप में सामने आया था। इसके बाद दिन-ब-दिन काविळी के संदिग्ध और संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ती गई। मरीजों को बुखार, उल्टी, शरीर में दर्द और पेट दर्द जैसी शिकायतें हो रही हैं। उपचार के लिए उन्हें काफी आर्थिक बोझ भी उठाना पड़ रहा है। काविळी से पूरी तरह ठीक होने में सामान्यतः करीब 15 दिन का समय लगने के कारण कई परिवारों पर आर्थिक दबाव बढ़ गया है।

गांव में पीने के पानी की आपूर्ति नाले के किनारे स्थित जैकवेल और कुएं से की जाती है। बारिश के मौसम की पृष्ठभूमि में पानी की गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों में चिंता है। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से पानी की जांच कराने और आवश्यक एहतियाती उपाय करने की मांग की है।

इस बीच, ग्राम पंचायत की ओर से एहतियाती कदम के तौर पर जैकवेल और कुएं की सफाई कराई गई है तथा स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

चौंडाळ ग्राम पंचायत अधिकारी मंगल कुंभार ने कहा, "गांव में पीने के पानी की आपूर्ति जैकवेल और कुएं से की जाती है। एहतियात के तौर पर जैकवेल और कुएं की सफाई की गई है। काविळी के मरीजों की संख्या अब कम हो रही है।"

बारिश के दौरान काविळी के बढ़ते मामलों के बीच ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से पानी की गुणवत्ता की जांच और आवश्यक प्रतिबंधात्मक उपाय जल्द करने की मांग की है। वहीं, ग्राम पंचायत की ओर से जैकवेल और कुएं की सफाई के बाद स्थिति पर निगरानी जारी है।

Vijay Morbale, Kolhapur

Vijay Morbale, Kolhapur

पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)

शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा

परिचय:

विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।

कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:

विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।

पत्रकारिता का दृष्टिकोण:

सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।

ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।

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