कोल्हापुर: जिजाऊ ब्रिगेड ने वट पूर्णिमा पर चलाया वृक्षारोपण अभियान
संदीपनी हाईस्कूल में टहनियां तोड़ने के बजाय बरगद का पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया और विभिन्न औषधीय पौधे रोपे गए।

तस्वीर में बाएं से दाएं: जिजाऊ ब्रिगेड की अनिता गवळी, अनुपमा चव्हाण, कविता कोंडेकर, सीमा भोसले, प्राजक्ता आंबले, कल्पना देसाई, रंजना पाटील, एक महिला कार्यकर्ता और संदिपनी हाईस्कूल के मुख्याध्यापक अमोल गावडे कोल्हापुर में नव-रोपित बरगद के पौधे के पास खड़े हैं।
वट पूर्णिमा जैसे पारंपरिक पर्व को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ते हुए जिजाऊ ब्रिगेड ने संदिपनी हाईस्कूल परिसर में वृक्षारोपण का प्रेरणादायी अभियान चलाया। वड की टहनियां तोड़कर पूजा करने के बजाय वड का पौधा लगाकर उसके संरक्षण का संदेश देते हुए उपस्थित लोगों ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।
'वड सावलीचा... वसा संवर्धनाचा!' की संकल्पना के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में वड के साथ करंज, आपटा, कदंब और अशोक सहित पर्यावरण हितैषी तथा औषधीय गुणों वाले विभिन्न वृक्षों का रोपण किया गया। बढ़ते तापमान, अनियमित वर्षा और तेजी से हो रही वृक्षों की कटाई को देखते हुए प्रत्येक व्यक्ति को केवल वृक्षारोपण ही नहीं, बल्कि वृक्षों के संरक्षण की जिम्मेदारी भी निभाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
जिजाऊ ब्रिगेड की कोल्हापुर जिलाध्यक्ष रंजना पाटील ने अपने संबोधन में कहा कि वृक्ष ही भविष्य के जीवन के आधार स्तंभ हैं। यदि प्रत्येक व्यक्ति कम से कम एक वृक्ष लगाकर उसका संरक्षण करे तो आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और समृद्ध पर्यावरण का निर्माण किया जा सकता है।
इस अभिनव पहल का उपस्थित लोगों ने स्वागत किया और धार्मिक परंपरा को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने वाले इस अभियान को समाज के लिए प्रेरणादायी बताया।
कार्यक्रम में जिजाऊ ब्रिगेड की जिलाध्यक्ष रंजना पाटील, कल्पना देसाई, प्राजक्ता आंबले, अनिता गवळी, अनुपमा चव्हाण, कविता कोंडेकर और सीमा भोसले सहित संगठन की पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहीं। संदिपनी हाईस्कूल के मुख्याध्यापक अमोल गावडे, शिक्षक तथा शिक्षकेतर कर्मचारियों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए वृक्ष संरक्षण का संकल्प लिया।
"एक वृक्ष – हजारों जीवों की सांस; पर्यावरण संरक्षण ही समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है" का संदेश देते हुए जिजाऊ ब्रिगेड का यह अभियान सामाजिक दायित्व और प्रकृति संरक्षण के प्रति जनजागरूकता का सशक्त उदाहरण बनकर सामने आया।

Vijay Morbale, Kolhapur
पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)
शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा
परिचय:
विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।
कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:
विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।
पत्रकारिता का दृष्टिकोण:
सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।
ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।
