जयहिंद सेवा संस्था ने हासिल की 100 प्रतिशत ऋण वसूली, मिला 'ए' ऑडिट वर्ग
कोनवडे स्थित संस्था ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में शत-प्रतिशत ऋण वसूली की अपनी परंपरा को कायम रखा, जिससे सदस्यों को भविष्य में अधिक ऋण मिल सकेगा।

तस्वीर में दिख रहे जयहिंद सेवा संस्था के संस्थापक प्रो. एच. आर. पाटील सफेद शर्ट पहने हुए मुस्कुरा रहे हैं।
कोनवडे (तहसील भुदरगढ़) स्थित जयहिंद सेवा संस्था ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में अपने सदस्यों को वितरित किए गए ऋण की बैंक एवं संस्था स्तर पर 100 प्रतिशत वसूली कर उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की है। इस सफलता के साथ संस्था ने स्थापना काल से लगातार 100 प्रतिशत ऋण वसूली की अपनी परंपरा को भी कायम रखा है, जिससे उसकी विश्वसनीयता और अधिक मजबूत हुई है।
संस्था के संस्थापक, भुदरगढ़ तालुका संघ के संचालक तथा जयहिंद सहकार समूह के प्रमुख प्रो. एच. आर. पाटील के मार्गदर्शन में संस्था लगातार अनुशासित एवं सुव्यवस्थित कार्यप्रणाली के साथ कार्य कर रही है। नियमित ऋण वसूली के कारण संस्था को 'ए' ऑडिट वर्ग प्राप्त हुआ है, जिससे बैंक से अधिक आर्थिक सहायता मिलने का मार्ग भी प्रशस्त हो गया है।
संस्था के अध्यक्ष पी. के. पाटील और उपाध्यक्ष यशवंत लोकरे ने बताया कि बढ़ी हुई आर्थिक सहायता उपलब्ध होने के बाद सदस्यों को पहले की तुलना में अधिक मात्रा में ऋण वितरित किया जा सकेगा, जिससे उन्हें आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त बनाने में मदद मिलेगी।
संस्था के पदाधिकारियों ने 100 प्रतिशत ऋण वसूली की इस उपलब्धि का श्रेय संस्थापक प्रो. एच. आर. पाटील, केडीसीसी बैंक के संचालक रणजितसिंह कृष्णराव पाटील, विभागीय अधिकारी आर. एन. पाटील, सचिव संभाजी पाटील, बैंक निरीक्षक संजय देसाई, लिपिक तानाजी पाटील, संस्था के संचालक मंडल तथा सभी सदस्य भाई-बहनों के सहयोग को दिया। संस्था का यह प्रदर्शन न केवल उसकी वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता का प्रमाण है, बल्कि भविष्य में सदस्यों को अधिक आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में भी महत्वपूर्ण आधार साबित होगा।

Vijay Morbale, Kolhapur
पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)
शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा
परिचय:
विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।
कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:
विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।
पत्रकारिता का दृष्टिकोण:
सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।
ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।
