जालना शहर के बायपास रोड पर कलावती हॉस्पिटल के सामने हुई एक कथित आत्महत्या ने जबरदस्त मोड़ ले लिया है। प्रारंभिक तौर पर आत्महत्या माने जा रहे इस मामले में पुलिस की गहन जांच के बाद चौंकाने वाला सच सामने आया—यह आत्महत्या नहीं, बल्कि सुपारी देकर की गई सुनियोजित हत्या थी। स्थानीय अपराध शाखा ने महज 24 घंटे के भीतर इस अंधे हत्याकांड की परतें खोलते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

सोमवार, 22 दिसंबर 2025 को सुबह करीब 11 बजे प्राप्त जानकारी के आधार पर पुलिस ने घटनास्थल का सूक्ष्म निरीक्षण और तकनीकी विश्लेषण शुरू किया। जांच में स्पष्ट हुआ कि सागर धानुरे की मौत आत्महत्या के कारण नहीं, बल्कि एक साजिश के तहत की गई निर्मम हत्या है। इस गंभीर अपराध ने पूरे जालना शहर को झकझोर कर रख दिया।

पुलिस अधीक्षक जालना के निर्देश पर स्थानीय अपराध शाखा के पुलिस निरीक्षक पंकज जाधव के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। तकनीकी साक्ष्यों और गुप्त सूचना के आधार पर जांच आगे बढ़ी, जिसमें कल्याण गणपतराव भोजने, निवासी समर्थ नगर, जुना जालना, की संलिप्तता सामने आई। पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि मृतक सागर धानुरे और भोजने के बीच पैसों के लेन-देन को लेकर गंभीर विवाद था।

तफ्तीश में यह भी सामने आया कि कल्याण भोजने ने कमलेश झाड़ीवाले के साथ मिलकर करीब 15 दिन पहले हत्या की साजिश रची थी। सागर धानुरे की हत्या के लिए 25 लाख रुपये की सुपारी तय की गई थी। योजना के अनुसार 20 दिसंबर 2025 की रात करीब 9 बजे सागर धानुरे को कलावती हॉस्पिटल के सामने बुलाया गया। इसी दौरान आरोपी कमलेश झाड़ीवाले मृतक की कार में बैठा और बातचीत में उलझाकर उस पर देसी पिस्टल से दो राउंड फायर किए। इसके बाद हाथापाई के दौरान चाकू से छाती और गले के पास वार कर उसकी मौत सुनिश्चित की गई।

घटना के बाद फरार हुए आरोपी कमलेश झाड़ीवाले की तलाश में पुलिस टीम को छत्रपति संभाजीनगर की ओर रवाना किया गया। सूचना मिलने पर नागेवाड़ी टोल नाके के पास उसे रोककर हिरासत में लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार करते हुए हत्या के बाद 25 लाख रुपये मिलने की बात भी कबूल की।

दोनों आरोपियों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए कदीम जालना पुलिस थाने के जांच अधिकारी के सुपुर्द कर दिया गया है। यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अजयकुमार बंसल, अपर पुलिस अधीक्षक आयुष नोपाणी और उपविभागीय पुलिस अधिकारी अनंत कुलकर्णी के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक अंजाम दी गई।

इस सनसनीखेज मामले का त्वरित खुलासा जालना पुलिस की सतर्कता और कार्यकुशलता को दर्शाता है, जिसने न केवल एक जघन्य अपराध का पर्दाफाश किया, बल्कि कानून व्यवस्था में आम जनता के विश्वास को भी मजबूत किया है।

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