जालना में बिजली गुल होने पर फूटा लोगों का गुस्सा, महावितरण कार्यालय में आधी रात तक चला धरना
जालना के कई इलाकों में रातभर बिजली गुल रहने से नागरिकों का गुस्सा फूट पड़ा। महावितरण कार्यालय में आधी रात तक धरना चला, अधिकारियों से संपर्क न होने पर नाराजगी बढ़ी। आखिर क्या रही इस संकट की वजह?

जुना जालना क्षेत्र में सोमवार देर रात बिजली कटौती से नाराज नागरिक और स्थानीय जनप्रतिनिधि महावितरण कार्यालय के भीतर जमीन पर बैठकर अधिकारियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए।
जुना जालना क्षेत्र के कई इलाकों में अचानक बिजली आपूर्ति ठप होने से लोगों का आक्रोश सोमवार देर रात खुलकर सामने आया। मधुबन कॉलोनी, राहुल नगर, कचेरी रोड, दुखी नगर और राणा नगर सहित विभिन्न क्षेत्रों के नागरिकों ने महावितरण कार्यालय पहुंचकर ठिय्या आंदोलन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि जब तक बिजली आपूर्ति पूरी तरह बहाल नहीं होती, तब तक आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा।
स्थानीय नागरिकों के अनुसार, महावितरण की रात्रिकालीन ड्यूटी पर तैनात ऑपरेटर रामदास गिते द्वारा परमिट बंद किए जाने के कारण बिजली आपूर्ति बाधित हुई। नागरिकों का आरोप है कि एक तकनीकी या प्रशासनिक त्रुटि की वजह से कई इलाकों के हजारों लोगों को पूरी रात अंधेरे में बितानी पड़ी।
घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में नागरिक महावितरण कार्यालय पहुंचे और संबंधित अधिकारियों से जवाब-तलब किया। इसके बाद कचेरी रोड, दुखी नगर और कुछ अन्य क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई। हालांकि मधुबन कॉलोनी में पूरी रात बिजली आपूर्ति सामान्य नहीं हो सकी, जिससे वहां के निवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
इस बीच नगरसेवक महावीर ढाक्का ने देर रात तक महावितरण अधिकारियों से संपर्क साधने का प्रयास किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार फोन किए जाने के बावजूद अपेक्षित प्रतिक्रिया नहीं मिली। वहीं पत्रकार राहुल मुले ने भी कचेरी रोड से लेकर मधुबन कॉलोनी तक प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति को देखते हुए महावितरण कर्मचारियों को मौके पर बुलाने और बिजली आपूर्ति बहाल कराने के प्रयास किए।
सूत्रों के अनुसार, रात करीब दो बजे तक महावितरण के कर्मचारी तकनीकी खराबी दूर करने में जुटे रहे, लेकिन समस्या का पूर्ण समाधान नहीं हो सका। मधुबन कॉलोनी के नागरिकों ने सवाल उठाया कि आखिर उन्हें पूरी रात अंधेरे में रहने के लिए मजबूर करने की जिम्मेदारी किसकी है।
कचेरी रोड और दुखी नगर क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति सामान्य होने के बाद नागरिकों ने महावितरण कार्यालय में चल रहा धरना समाप्त कर दिया। हालांकि इस दौरान जुना जालना विभाग के अभियंता संजय गाहणे से संपर्क करने के लिए नागरिकों द्वारा कई बार फोन किए गए, लेकिन फोन का जवाब नहीं मिलने से लोगों में नाराजगी और बढ़ गई।
घटना के बाद नागरिकों ने भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से बचने के लिए महावितरण से प्रत्येक क्षेत्र के लिए अलग-अलग व्हाट्सऐप समूह बनाने की मांग की है। उनका कहना है कि बिजली आपूर्ति बाधित होने, तकनीकी खराबी और मरम्मत कार्यों की जानकारी समय पर साझा किए जाने से उपभोक्ताओं तक अधिकृत सूचना तुरंत पहुंच सकेगी और अनिश्चितता की स्थिति से बचा जा सकेगा।
यह घटना न केवल बिजली आपूर्ति व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि आपात परिस्थितियों में उपभोक्ताओं और विद्युत विभाग के बीच प्रभावी संवाद की आवश्यकता को भी उजागर करती है।

Rahul Mule, Jalna(Maharashtra)
नाम: राहुल सुरेश मुळे
पद: संवाददाता (प्रातकाल)
निवास स्थान: गीताई मधुबन कॉलोनी, जालना शहर
कार्यक्षेत्र: जालना (महाराष्ट्र)
बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम (अपराध), और प्रशासन (जालना शहर)
परिचय
राहुल सुरेश मुळे महाराष्ट्र के जालना क्षेत्र के एक बेहद अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वह जालना शहर की गीताई मधुबन कॉलोनी के निवासी हैं और पिछले 15 वर्षों से जालना शहर व आसपास के क्षेत्रों में पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। वर्तमान में वह 'प्रातकाल' के संवाददाता के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। राहुल जी मुख्य रूप से जालना शहर की राजनीति, आपराधिक मामलों (क्राइम) और प्रशासनिक गतिविधियों से जुड़ी खबरों पर पैनी नजर रखते हैं और उन्हें पूरी निष्पक्षता के साथ पाठकों तक पहुंचाते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव
डेढ़ दशक (15 वर्ष) के अपने लंबे पत्रकारिता सफर में राहुल सुरेश मुळे जी ने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। 'प्रातकाल' से जुड़ने से पहले उन्हें निम्नलिखित समाचार पत्रों और मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर ग्राउंड रिपोर्टिंग का एक व्यापक और समृद्ध अनुभव रहा है:
- दैनिक आनंद नगरी
- बदलता महाराष्ट्र
- दिव्यांग वार्ता
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (12वीं) पूरी की है। उनका जमीनी स्तर का लंबा अनुभव और जालना शहर की भौगोलिक व राजनीतिक परिस्थितियों पर मजबूत पकड़ ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है।
