परतूर पुलिस थाने में कथित भ्रष्टाचार के विरोध में मातंग मुक्ति सेना का आमरण अनशन छठे दिन और अधिक तीव्र हो गया है, जबकि प्रशासन द्वारा अब तक ठोस कार्रवाई नहीं किए जाने से आंदोलनकारियों में गहरी नाराज़गी देखी जा रही है।

जिल्हाधिकारी कार्यालय के समक्ष जारी इस आंदोलन का नेतृत्व विष्णू गोफणे कर रहे हैं। उन्होंने परतूर पुलिस थाने में कार्यरत पुलिस कर्मचारी गजानन राठोड पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोपों में सट्टा, जुआ तथा अवैध वाळू व्यवसाय से हफ्ता वसूली करने की बात कही गई है। आंदोलनकारियों की मांग है कि संबंधित पुलिस कर्मचारी की संपत्ति की सखोल जांच कर तत्काल विभागीय कार्रवाई की जाए।

इस प्रकरण ने अब और गंभीर रूप ले लिया है। विष्णू गोफणे ने आरोप लगाया है कि संबंधित पुलिस अधिकारी ने अनशन स्थल पर पहुंचकर आंदोलनकारियों को धमकी दी। इस आरोप के बाद आंदोलनकारियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं और प्रशासन की भूमिका भी कटघरे में आ गई है।

छठे दिन आंदोलनकारियों ने पत्रकार परिषद आयोजित कर पूरे मामले की जानकारी मीडिया के सामने रखी। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि संबंधित पुलिस कर्मचारी पर कठोर कार्रवाई होने तक आमरण अनशन जारी रहेगा। साथ ही यह भी कहा गया कि यदि प्रशासन ने जल्द संज्ञान नहीं लिया तो आगे मोर्चे और तीव्र प्रदर्शन किए जाएंगे तथा आवश्यकता पड़ने पर मुंबई के आजाद मैदान में मंत्रियों के सामने अनशन किया जाएगा।

इन गंभीर आरोपों के कारण पुलिस विभाग की छवि एक बार फिर चर्चा में आ गई है। विभिन्न स्तरों से यह मांग उठ रही है कि जिल्हाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी तत्काल निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाएं। अब इस पूरे मामले में प्रशासन की अगली भूमिका पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

Pratahkal Bureau

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