जालना महानगरपालिका में नगरसेवकों के पतियों और रिश्तेदारों की कार्यालय में लगातार जारी आवाजाही एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है। कुछ दिनों पहले महानगरपालिका आयुक्त अंजली शर्मा द्वारा नगरसेवकों के पतियों को मनपा के प्रशासनिक कामकाज में हस्तक्षेप करने से रोकने के लिए "नो एंट्री" से संबंधित आदेश जारी किए जाने की चर्चा थी। हालांकि, इस आदेश का प्रभावी पालन नहीं होने के आरोप सामने आ रहे हैं।

नागरिकों के अनुसार, कुछ नगरसेवकों के पति और रिश्तेदार आज भी महानगरपालिका में खुले तौर पर आते-जाते दिखाई देते हैं और विभिन्न विभागों में उनकी आवाजाही जारी है। इससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या आयुक्त के आदेश का उल्लंघन हो रहा है।

इसके अलावा, कुछ नगरसेवकों के नाम से जारी होने वाले बैनर, प्रचार पत्रक और समाचारों की योजना भी वास्तव में उनके पतियों द्वारा ही बनाई जाती है, ऐसा आरोप लगाया जा रहा है। इस स्थिति के चलते यह सवाल भी उठाया जा रहा है कि जनप्रतिनिधियों का कामकाज आखिर किसके माध्यम से संचालित हो रहा है।

इस पूरे मामले के बीच अब जालना शहर के नागरिकों की नजर इस बात पर है कि आयुक्त अंजली शर्मा अपने ही जारी किए गए आदेश को कितनी सख्ती से लागू कराती हैं और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।

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