जालना में दिव्यांगों को कृत्रिम पैर वितरित, जिलाधिकारी ने दिए निर्देश
जालना के जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र में कृत्रिम पैरों का वितरण किया गया, जिलाधिकारी आशिमा मित्तल ने केंद्र के चरणबद्ध विस्तार की घोषणा की।

तस्वीर में (बाएं से दाएं) एक व्यक्ति से बात करते हुए जालना की जिलाधिकारी आशिमा मित्तल और पुनर्वास केंद्र के अधिकारी व कर्मचारी दिखाई दे रहे हैं।
जालना शहर के गांधी चमन स्थित महिला अस्पताल के पीछे संचालित जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र में दिव्यांगजनों को कृत्रिम पैरों का वितरण किया गया। कार्यक्रम में जालना की जिलाधिकारी आशिमा मित्तल ने मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित होकर लाभार्थियों को कृत्रिम पैर प्रदान किए तथा दिव्यांगों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की प्रशासन की प्रतिबद्धता दोहराई।
इस अवसर पर जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र, जालना प्रबंधन समिति के अध्यक्ष डी. बी. सोनी, कार्यवाह राजू भालेराव, कोषाध्यक्ष स्नेहल मगरे, डॉ. मिताली पंडित, लेखापाल विजय देशपांडे, विजयश्री किंग रे, ज्ञानेश्वर अंभोरे, जिला परिषद दिव्यांग सशक्तिकरण अधिकारी बालासाहेब खरात, जिला परिषद सहायक दिव्यांग सशक्तिकरण अधिकारी श्री कापसे, लोकसेवा मंडल के रोगी मित्र पी. जी. देशपांडे, वाय. पी. वाकोडकर, जिलाधिकारी कार्यालय के पाखरे सर, सकल दिव्यांग सामाजिक संगठन के जिलाध्यक्ष राहुल मुले तथा श्री खडके सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम के सफल आयोजन में सभी ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।
कार्यक्रम के बाद जिलाधिकारी आशिमा मित्तल ने पुनर्वास केंद्र परिसर में वृक्षारोपण किया। इसके पश्चात उन्होंने केंद्र का निरीक्षण कर दिव्यांगजनों के लिए उपलब्ध सुविधाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक उपाय किए जाने का आश्वासन दिया।
इस दौरान जिलाधिकारी आशिमा मित्तल ने कहा कि जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र का चरणबद्ध तरीके से विस्तार किया जाएगा। केंद्र के सामने दिव्यांगों के लिए आधुनिक, सुसज्जित और आकर्षक उद्यान विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड के मध्य स्थित होने के कारण यह केंद्र पूरे जिले से आने वाले दिव्यांगजनों के लिए अत्यंत लाभकारी साबित होगा। दिव्यांगों को अधिक गुणवत्तापूर्ण, सुलभ और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
इस पहल से अनेक दिव्यांगजनों को कृत्रिम पैरों का लाभ मिला। वहीं पुनर्वास केंद्र के विकास को लेकर जिलाधिकारी द्वारा की गई घोषणाओं से उपस्थित दिव्यांगजनों और नागरिकों ने संतोष व्यक्त किया। यह पहल जिले में दिव्यांगजनों के पुनर्वास, सशक्तिकरण और सुविधाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

Rahul Mule, Jalna(Maharashtra)
नाम: राहुल सुरेश मुळे
पद: संवाददाता (प्रातकाल)
निवास स्थान: गीताई मधुबन कॉलोनी, जालना शहर
कार्यक्षेत्र: जालना (महाराष्ट्र)
बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम (अपराध), और प्रशासन (जालना शहर)
परिचय
राहुल सुरेश मुळे महाराष्ट्र के जालना क्षेत्र के एक बेहद अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वह जालना शहर की गीताई मधुबन कॉलोनी के निवासी हैं और पिछले 15 वर्षों से जालना शहर व आसपास के क्षेत्रों में पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। वर्तमान में वह 'प्रातकाल' के संवाददाता के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। राहुल जी मुख्य रूप से जालना शहर की राजनीति, आपराधिक मामलों (क्राइम) और प्रशासनिक गतिविधियों से जुड़ी खबरों पर पैनी नजर रखते हैं और उन्हें पूरी निष्पक्षता के साथ पाठकों तक पहुंचाते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव
डेढ़ दशक (15 वर्ष) के अपने लंबे पत्रकारिता सफर में राहुल सुरेश मुळे जी ने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। 'प्रातकाल' से जुड़ने से पहले उन्हें निम्नलिखित समाचार पत्रों और मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर ग्राउंड रिपोर्टिंग का एक व्यापक और समृद्ध अनुभव रहा है:
- दैनिक आनंद नगरी
- बदलता महाराष्ट्र
- दिव्यांग वार्ता
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (12वीं) पूरी की है। उनका जमीनी स्तर का लंबा अनुभव और जालना शहर की भौगोलिक व राजनीतिक परिस्थितियों पर मजबूत पकड़ ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है।
