जलजीवन मिशन के तहत शुरू की गई पाणीपुरवठा योजनाओं के लिए निधि उपलब्ध कराने की मांग को लेकर सोमवार को लातूर में अनोखा ‘भीख मांगो’ आंदोलन किया गया। माजी सरपंच संजय पाटील खंडपूरकर के नेतृत्व में पुराने जिलाधिकारी कार्यालय के सामने यह आंदोलन किया गया, जिसमें कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने प्रतीकात्मक रूप से भीख मांगकर शासन के उदासीन रवैये का विरोध जताया।

राज्य में जलजीवन मिशन के अंतर्गत चल रही कई पाणीपुरवठा योजनाओं के काम निधि के अभाव में अधूरे पड़े हैं। इसके कारण ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों को पीने के पानी के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इसी गंभीर समस्या की ओर शासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए यह आंदोलन किया गया।

आंदोलन में शामिल लोगों ने कहा कि यदि जलजीवन मिशन की अधूरी योजनाओं को पूरा करने के लिए शासन के पास निधि उपलब्ध नहीं है, तो यह निधि जनता से भीख मांगकर जुटानी पड़ेगी। इसी व्यंग्यात्मक संदेश के साथ आंदोलनकारियों ने शासन की नीतियों के खिलाफ प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन किया।

आंदोलकों ने बताया कि जलजीवन मिशन की अनेक योजनाएं अधूरी होने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों को आज भी पीने के पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि शासन तत्काल आवश्यक निधि उपलब्ध कराकर सभी लंबित योजनाओं को पूरा करे। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो जनआंदोलन को और तेज किया जाएगा।

माजी सरपंच संजय पाटील खंडपूरकर ने बताया कि आंदोलन के दौरान भीख मांगकर जमा की गई राशि जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के माध्यम से शासन को भेजी जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह उपक्रम शासन के निष्क्रिय कामकाज के खिलाफ प्रतीकात्मक विरोध है और जनता के मूलभूत अधिकारों के लिए शुरू किया गया संघर्ष है।

इस आंदोलन में विभिन्न सामाजिक कार्यकर्ता, ग्रामस्थ और नागरिक बड़ी संख्या में शामिल हुए। प्रदर्शन के कारण पुराने जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में कुछ समय के लिए ध्यान आकर्षित करने वाला माहौल बना रहा। आंदोलनकारियों ने एक स्वर में मांग की कि शासन जलजीवन मिशन की लंबित सभी योजनाओं को पूरा करने के लिए आवश्यक निधि तत्काल मंजूर करे।

Pratahkal Hub

Pratahkal Hub

प्रातःकाल हब, दै.प्रातःकाल की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा प्रातःकाल हब राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।"

Next Story