भुसावळ में खौफनाक वारदात: मामूली विवाद में सरेराह दागी गोली, बाल-बाल बची जान, चार आरोपी गिरफ्तार
भुसावळ के पुराना सातारा क्षेत्र में मामूली विवाद के बाद संदीप कोळेकर पर देसी कट्टे से फायरिंग की सनसनीखेज कोशिश हुई। मिसफायर होने से कोळेकर की जान बच गई। पुलिस ने मुख्य आरोपी चंद्रकांत उर्फ बाबा चेंगट और कुंदन पठाडे समेत चार को गिरफ्तार कर कट्टा बरामद किया है। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

भुसावळ: महाराष्ट्र के भुसावळ शहर का पुराना सातारा इलाका उस समय दहल उठा जब मामूली विवाद ने जानलेवा हमले का रूप ले लिया। 30 दिसंबर की रात एक शख्स को मौत के घाट उतारने के इरादे से अवैध देसी कट्टे (गावठी कट्टा) से फायरिंग की गई। गनीमत रही कि ऐन वक्त पर बंदूक 'मिसफायर' हो गई, जिससे एक बड़ा अनर्थ टल गया। इस सनसनीखेज मामले में भुसावळ पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मुख्य दो आरोपियों और उनके दो नाबालिग साथियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।
घटना की पृष्ठभूमि 'हॉटेल जलसा' में हुए एक पुराने विवाद से जुड़ी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता संदीप मनोहर कोळेकर के बेटे और आरोपियों के बीच कुछ समय पहले तकरार हुई थी। इसी रंजिश को मन में पालकर आरोपी चंद्रकांत उर्फ बाबा विनोद चेंगट (24) और कुंदन अनिल पठाडे (19) अपने दो नाबालिग साथियों के साथ कोळेकर के घर के बाहर पहुंचे। वहां आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए भारी हंगामा खड़ा कर दिया। जब संदीप कोळेकर शोर सुनकर बाहर आए और उन्होंने इस बर्ताव का विरोध किया, तो विवाद चरम पर पहुंच गया। आवेश में आकर चंद्रकांत चेंगट ने अपनी कमर से देसी कट्टा निकाला और सीधे कोळेकर पर तानकर ट्रिगर दबा दिया।
मौत सामने खड़ी थी, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था; कट्टे से गोली नहीं निकली। फायरिंग की कोशिश और हंगामे की आवाज सुनकर स्थानीय नागरिक मौके पर जुटने लगे। खुद को घिरता देख आरोपियों ने वहां मौजूद गवाहों के साथ मारपीट की और अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। इस जानलेवा हमले से पूरे इलाके में दहशत का माहौल व्याप्त हो गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक डॉ. महेश्वर रेड्डी और अपर पुलिस अधीक्षक अशोक नखाते ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। भुसावळ शहर पुलिस ने जाल बिछाया और महज कुछ ही घंटों के भीतर आरोपियों को शहर के गुप्त ठिकानों से धर दबोचा। पुलिस ने उनके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल अवैध देसी कट्टा और एक जिंदा कारतूस भी बरामद किया है। कानून का शिकंजा कसते हुए न्यायालय ने दोनों मुख्य आरोपियों को 2 जनवरी 2026 तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है, जबकि उनके नाबालिग सहयोगियों को जलगांव स्थित सुधार गृह (रिमांड होम) भेजा गया है। यह कार्रवाई अपराधियों के बीच कड़ा संदेश देती है कि कानून व्यवस्था को चुनौती देने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

Pratahkal Bureau
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