कोल्हापुर : विजय मोरबाळे

चिकोडी तालुका स्थित तोरणहळ्ळी के जागृत देवस्थान श्री हनुमान मंदिर में वैद्यकीय शिक्षा मंत्री हसन मुश्रीफ ने मनोभाव से दर्शन कर हनुमान चरणों में पूजा-अर्चना की। मंदिर की परंपरा के अनुसार उनके हाथों श्री हनुमान की मूर्ति पर पकाए हुए चावल और दही का लेप लगाकर फूलों से पूजा की गई।

तोरणहळ्ळी का श्री हनुमान मंदिर आसपास के श्रद्धालुओं का आस्था केंद्र माना जाता है। रामायण की आख्यायिका के अनुसार, लक्ष्मण के गंभीर रूप से घायल होने के बाद उनके उपचार के लिए संजीवनी बूटी लाने हनुमान हिमालय गए थे।

स्थानीय आख्यायिका के अनुसार, संजीवनी पर्वत लेकर लौटते समय हनुमान कुछ समय के लिए तोरणहळ्ळी के माळरान में रुके थे। इसी कारण इस मंदिर का विशेष धार्मिक महत्व होने की बात श्रद्धालु बताते हैं। मंदिर के पुजारी ने बताया कि मंत्री हसन मुश्रीफ इस देवस्थान को श्रद्धा का केंद्र मानते हैं और संकट तथा कठिनाइयों के समय तोरणहळ्ळी के हनुमान के दर्शन करते हैं।

इस बीच, मंत्री मुश्रीफ की ओर से मंदिर के सामने करीब 51 लाख रुपये की लागत से नक्काशीदार काले पत्थरों से आकर्षक दीपमाला बनाने का काम चल रहा है। पत्थर की शिल्पकला का उत्कृष्ट नमूना मानी जा रही इस दीपमाला का काम फिलहाल अंतिम चरण में पहुंच गया है।

इस बीच, गोकुल दूध संघ के चुनाव में सीट बंटवारे को लेकर पैदा हुए गतिरोध और पुणे स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से मुश्रीफ के करीबी प्रताप उर्फ भैया माने को महायुति की उम्मीदवारी नहीं मिलने की पृष्ठभूमि में मंत्री मुश्रीफ के तोरणहळ्ळी जाकर दर्शन करने की चर्चा क्षेत्र में शुरू हो गई है।

मंत्री मुश्रीफ सुबह नौ बजे कागल से रवाना हुए थे। करीब साढ़े दस बजे वे तोरणहळ्ळी पहुंचे। मंदिर संस्था की परंपरा के अनुसार उनके हाथों श्री हनुमान की मूर्ति पर पकाए हुए चावल-दही का लेप लगाया गया। इसके बाद उन्होंने विधिवत पूजा कर मनोभाव से दर्शन किए।

फोटो : तोरणहळ्ळी (ता. चिकोडी) स्थित श्री हनुमान मंदिर में मनोभाव से दर्शन करते वैद्यकीय शिक्षा मंत्री हसन मुश्रीफ। इस दौरान मूर्ति पर पकाए हुए दही-भात का लेप लगाकर पूजा की गई।

Vijay Morbale, Kolhapur

Vijay Morbale, Kolhapur

पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)

शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा

परिचय:

विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।

कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:

विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।

पत्रकारिता का दृष्टिकोण:

सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।

ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।

Next Story