गरीब मरीजों की सेवा ही सर्वोच्च प्राथमिकता: चिकित्सा शिक्षा मंत्री हसन मुश्रीफ का स्वास्थ्य तंत्र को कड़ा निर्देश
कोल्हापुर के कागल में हुई आरोग्य वर्धिनी समिति की बैठक में मंत्री हसन मुश्रीफ ने स्वास्थ्य अधिकारियों से गरीब मरीजों की सेवा और रिक्त पदों को लेकर विस्तृत चर्चा की।

कागल ग्रामीण अस्पताल में आयोजित ‘एकात्मिक आरोग्य वर्धिनी समिती’ की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए चिकित्सा शिक्षा मंत्री हसन मुश्रीफ, जिसमें स्थानीय जनप्रतिनिधि और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
कोल्हापुर: सरकारी अस्पतालों में इलाज के लिए आने वाला हर मरीज आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से ताल्लुक रखता है, इसलिए स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर, अधिकारी और कर्मचारी संवेदनशीलता के साथ अपना कर्तव्य निभाएं। यह स्पष्ट निर्देश चिकित्सा शिक्षा मंत्री हसन मुश्रीफ ने कागल ग्रामीण अस्पताल में आयोजित ‘कागल तालुका एकात्मिक आरोग्य वर्धिनी समिति’ की समीक्षा बैठक के दौरान दिए। मंत्री मुश्रीफ ने स्वास्थ्य तंत्र को कागजी आंकड़ों से ऊपर उठकर धरातल पर काम करने की नसीहत देते हुए स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए कड़े कदम उठाने के संकेत दिए।
बैठक के दौरान मंत्री मुश्रीफ ने कागल में नवनिर्मित शासकीय होम्योपैथिक महाविद्यालय के ग्रामीण अस्पताल से जुड़ाव और छत्रपति प्रमिलाराजे अस्पताल की सौ बेड की नई शाखा के कार्यप्रणाली पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि सरकार ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और उपकेंद्रों में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने में कोई कसर नहीं छोड़ी है, अब जिम्मेदारी स्वास्थ्य कर्मियों की है कि वे सेवाभावी दृष्टिकोण के साथ मरीजों का उपचार करें। मंत्री ने स्पष्ट किया कि उन्हें कागजों में दर्ज आंकड़ों से अधिक जमीनी हकीकत में रुचि है, ताकि मरीजों को वास्तव में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
आशा वर्कर की भूमिका और नगरपालिका क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर जोर देते हुए मंत्री ने कहा कि ग्रामीण इलाकों में आशा कार्यकर्ताओं द्वारा जुटाया गया डेटा हर परिवार की स्वास्थ्य स्थिति को समझने में सहायक होता है, विशेषकर गर्भवती महिलाओं के प्रबंधन में। उन्होंने सुझाव दिया कि नगरपालिका सीमाओं के भीतर भी इसी तर्ज पर काम करने की आवश्यकता है और इसके लिए वे स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर के साथ रिक्त पदों को भरने और नई नियुक्तियों को लेकर चर्चा करेंगे।
बैठक में मंत्री मुश्रीफ ने विभिन्न चिकित्सा पहलुओं पर अधिकारियों से तीखे सवाल किए। उन्होंने रिक्त पदों, निर्माण कार्यों की प्रगति, प्रतिदिन आने वाले मरीजों की संख्या, प्रसूति और सिजेरियन शस्त्रक्रिया, डायलिसिस सेवाओं के साथ-साथ सर्पदंश, श्वानदंश और संक्रामक रोगों के नियंत्रण हेतु उठाए गए कदमों का सविस्तार विवरण मांगा। उन्होंने निर्देश दिए कि अब से ग्रामीण अस्पताल और नगरपालिका के ‘आपला दवाखाना’ सहित सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का मासिक समीक्षा सत्र आयोजित किया जाए ताकि कमियों को समय रहते सुधारा जा सके। बैठक में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति रही। मंत्री मुश्रीफ ने शीघ्र ही मुरगुड ग्रामीण अस्पताल की सेवाओं की समीक्षा के लिए अलग से बैठक करने की घोषणा की, जो स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक पारदर्शी और सुदृढ़ बनाने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

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