विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस पर कर्मवीर हिरे महाविद्यालय में हरित रसायनशास्त्र पर कार्यक्रम, प्राचार्य डॉ. उदयकुमार शिंदे ने दिया शाश्वत विकास का संदेश
विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस पर कोल्हापुर के कर्मवीर हिरे महाविद्यालय में हरित रसायनशास्त्र विषय पर भित्तिपत्रिका का अनावरण और ऑनलाइन प्रश्नमंजुषा का शुभारंभ हुआ। प्राचार्य प्रा. डॉ. उदयकुमार शिंदे ने शाश्वत विकास और पर्यावरण संरक्षण के लिए हरित रसायनशास्त्र को अनिवार्य बताते हुए विद्यार्थियों से महत्वपूर्ण आह्वान किया।

तस्वीर में कर्मवीर हिरे महाविद्यालय, कोल्हापुर के प्राध्यापक और विद्यार्थी हरित रसायनशास्त्र विषय पर आयोजित भित्तिपत्रिका अनावरण कार्यक्रम के दौरान नजर आ रहे हैं।
कोल्हापुर। विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस के अवसर पर कर्मवीर हिरे महाविद्यालय में रसायनशास्त्र विभाग, विज्ञान मंडल तथा अंतर्गत गुणवत्ता एवं हमी कक्ष के संयुक्त तत्वावधान में हरित रसायनशास्त्र विषय पर भित्तिपत्रिका अनावरण तथा ऑनलाइन प्रश्नमंजुषा के उद्घाटन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रा. डॉ. उदयकुमार शिंदे ने कहा कि भावी पीढ़ी को स्वच्छ, स्वस्थ और पर्यावरण अनुकूल दुनिया उपलब्ध कराने के लिए प्रकृति का संतुलन बनाए रखना समय की आवश्यकता है तथा शाश्वत विकास के लिए हरित रसायनशास्त्र का कोई विकल्प नहीं है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्राचार्य डॉ. शिंदे ने विद्यार्थियों से हरित रसायनशास्त्र का गहन अध्ययन करने और पर्यावरण अनुकूल प्रौद्योगिकी तथा रसायनों का समाज में व्यापक प्रसार करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले रसायनों के स्थान पर सुरक्षित और पर्यावरण हितैषी विकल्पों का उपयोग ही वर्तमान समय की आवश्यकता है।
कार्यक्रम की शुरुआत समन्वयक डॉ. यू. बी. चौगले ने हरित रसायनशास्त्र की अवधारणा तथा कार्यक्रम के उद्देश्य की जानकारी देकर की। इसके बाद हरित रसायनशास्त्र विषय पर तैयार की गई भित्तिपत्रिका का अनावरण प्राचार्य डॉ. शिंदे के हाथों किया गया, जबकि प्रकृति संरक्षण विषयक ऑनलाइन प्रश्नमंजुषा का उद्घाटन रसायनशास्त्र विभागाध्यक्ष प्रा. डॉ. एस. एम. पाटील ने किया।
इस अवसर पर अंतर्गत गुणवत्ता एवं हमी कक्ष के प्रमुख डॉ. एस. ए. व्हनाळकर, विज्ञान शाखा समन्वयक डॉ. एम. एस. देसाई, विज्ञान मंडल के अध्यक्ष डॉ. व्ही. ए. जगताप, प्रा. पी. आर. खराडे, डॉ. एस. एम. बागवान, प्रा. सौ. डी. ए. फडणीस, प्रा. सौ. एस. एस. कुदळे, शिक्षकेत्तर कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. सी. आर. पाटील ने किया, जबकि आभार प्रा. डी. बी. मोहिते ने व्यक्त किए।
विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को हरित रसायनशास्त्र और पर्यावरण संरक्षण के महत्व से जोड़ने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में हरित रसायनशास्त्र विषयक भित्तिपत्रिका के अनावरण और ऑनलाइन प्रश्नमंजुषा के शुभारंभ के जरिए पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया।

Vijay Morbale, Kolhapur
पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)
शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा
परिचय:
विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।
कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:
विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।
पत्रकारिता का दृष्टिकोण:
सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।
ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।
