राज्य कृषि दिवस के अवसर पर गोकुल दूध संघ के बोरवडे स्थित दूध शीतकरण केंद्र में पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के उद्देश्य से वृक्षारोपण कार्यक्रम उत्साहपूर्वक आयोजित किया गया। निसर्गमित्र अनिल चौगुले तथा गोकुल के सेवानिवृत्त कर्मचारी बालासो यमगेकर के हाथों भोकर, शेवगा, हदगा, बकुल और मोहगनी सहित विभिन्न उपयोगी वृक्षों के पौधे लगाए गए।

राज्य कृषि दिवस किसान, खेती और प्रकृति के बीच अटूट संबंध का प्रतीक माना जाता है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए गोकुल के बोरवडे शीतकरण केंद्र में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का सामाजिक संदेश दिया गया। कार्यक्रम में बढ़ते प्रदूषण, वैश्विक तापमान वृद्धि, अनियमित वर्षा, भूजल स्तर में गिरावट और बदलते जलवायु परिदृश्य के बीच वृक्ष संरक्षण के महत्व पर विशेष बल दिया गया। उपस्थित लोगों ने अधिक से अधिक वृक्ष लगाने तथा उनका संरक्षण करने की आवश्यकता व्यक्त की।

इस अवसर पर शाखा प्रमुख विजय कदम ने कहा कि वृक्ष मानव जाति के वास्तविक जीवनदाता हैं। वे केवल प्राणवायु ही नहीं देते, बल्कि पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति प्रतिवर्ष कम से कम एक वृक्ष लगाकर उसका संरक्षण करे तो आने वाली पीढ़ियों के लिए समृद्ध और हरित पर्यावरण का निर्माण संभव है। उन्होंने यह भी कहा कि वृक्ष संरक्षण के माध्यम से वैश्विक तापमान वृद्धि, अनियमित वर्षा तथा ओले और सूखे जैसी प्राकृतिक चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सकता है।

कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों ने पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिकाधिक वृक्ष लगाने तथा लगाए गए प्रत्येक पौधे का संरक्षण करने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने विश्वास व्यक्त किया कि इस पहल से क्षेत्र में हरित वातावरण विकसित होगा और पर्यावरण संरक्षण के प्रति समाज में सकारात्मक जनजागरण को नई गति मिलेगी।

कार्यक्रम में गुणवत्ता नियंत्रण अधिकारी शेखर पाटील, यूनियन प्रतिनिधि उत्तम पाटील, रणजीत डोंगळे, शिवाजी भोसले, सुरेश शिंदे सहित शाखा के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

Vijay Morbale, Kolhapur

Vijay Morbale, Kolhapur

पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)

शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा

परिचय:

विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।

कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:

विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।

पत्रकारिता का दृष्टिकोण:

सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।

ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।

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