गोकुळ दूध संघ चुनाव में देरी पर सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका की चेतावनी, 91वें दिन दाद मांगने का ऐलान
गोकुळ दूध संघ चुनाव में देरी को लेकर श्री. स्वामी समर्थ सहकारी दूध व्यवसायिक संस्था ने प्रशासन को चेतावनी दी है। 3 अगस्त तक चुनाव नहीं होने पर सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका दायर होगी।

गोकुळ दूध संघ की चुनाव प्रक्रिया यदि सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरी नहीं हुई तो प्रशासन के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में अवमानना याचिका दायर की जाएगी। यह चेतावनी याचिकाकर्ता पुंगाव (ता. राधानगरी) स्थित श्री. स्वामी समर्थ सहकारी दूध व्यवसायिक संस्था ने जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से दी है। संस्था ने स्पष्ट किया है कि सर्वोच्च न्यायालय के 6 मई 2026 के आदेश के अनुसार 90 दिनों के भीतर चुनाव कराना अनिवार्य है। यदि 3 अगस्त 2026 तक मतदान प्रक्रिया पूरी नहीं होती है तो 4 अगस्त 2026, यानी 91वें दिन, सर्वोच्च न्यायालय में अवमानना याचिका दायर की जाएगी।
प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि सर्वोच्च न्यायालय ने 6 मई 2026 को गोकुळ दूध संघ का चुनाव 90 दिनों के भीतर कराने के स्पष्ट निर्देश दिए थे। इस मामले में वरिष्ठ सरकारी अधिवक्ता एड. सिद्धार्थ धर्माधिकारी ने भी न्यायालय के समक्ष 90 दिनों की समयसीमा के भीतर चुनाव कराने का पक्ष रखा था।
संस्था का आरोप है कि न्यायालय का आदेश मिलने के बाद चुनाव प्राधिकरण ने तत्काल चुनाव प्रक्रिया शुरू करने के बजाय विधि एवं न्याय विभाग से सलाह मांगी। इसके बाद विधि एवं न्याय विभाग ने इसी विषय पर एड. सिद्धार्थ धर्माधिकारी से राय लेने की सलाह दी।
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, एड. सिद्धार्थ धर्माधिकारी ने भी चुनाव प्रक्रिया तत्काल शुरू करने और अवसायानाधीन संस्थाओं के मामलों के निर्णय शीघ्र देने का स्पष्ट मत व्यक्त किया। इसके बावजूद पूरी प्रक्रिया में लगभग तीन सप्ताह का समय व्यर्थ गंवा दिया गया, जिससे चुनाव प्रक्रिया अनावश्यक रूप से विलंबित हुई।
संस्था का कहना है कि यह सलाह ई-मेल के माध्यम से कम समय में प्राप्त की जा सकती थी, लेकिन जानबूझकर समयकाटू रवैया अपनाकर चुनाव प्रक्रिया में देरी की गई। संस्था ने यह भी आरोप लगाया कि आज तक कच्ची मतदाता सूची, अंतिम मतदाता सूची और चुनाव कार्यक्रम जारी करने के संबंध में प्रशासन ने अपेक्षित तत्परता नहीं दिखाई है।
श्री. स्वामी समर्थ सहकारी दूध व्यवसायिक संस्था ने दावा किया है कि प्रशासन सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का पालन करने में विफल रहा है। संस्था ने स्पष्ट किया कि यदि 3 अगस्त 2026 तक चुनाव प्रक्रिया पूरी नहीं होती है तो 4 अगस्त 2026 को संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में अवमानना याचिका दायर कर उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की जाएगी।

Vijay Morbale, Kolhapur
पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)
शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा
परिचय:
विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।
कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:
विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।
पत्रकारिता का दृष्टिकोण:
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