गोकुल दूध संघ चुनाव को लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए दावा किया है कि किसी भी परिस्थिति में पार्टी की ठराव संख्या 1,982 होकर रहेगी। पार्टी के जिलाध्यक्ष बाबासाहेब पाटील-आसुर्लेकर ने कहा कि यह "काले पत्थर पर सफेद लकीर" के समान निश्चित है। उन्होंने ठरावों की संख्या को लेकर भ्रम फैलाने से बचने की अपील करते हुए कार्यकर्ताओं और ठरावधारकों से किसी को भी दोबारा अथवा कोरे ठराव नहीं देने का आग्रह किया है।

जिलाध्यक्ष बाबासाहेब पाटील-आसुर्लेकर ने जारी पत्रक में बताया कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने गुरुवार, 25 जून 2026 को शक्ति प्रदर्शन के साथ 1,972 ठराव दाखिल करने की घोषणा की थी तथा तालुकावार दाखिल किए जाने वाले ठरावों की संख्या भी सार्वजनिक की गई थी। उन्होंने कहा कि जब पार्टी शक्ति प्रदर्शन के साथ सहायक निबंधक-दुग्ध कार्यालय पहुंची तो वहां केवल 300 से 400 लोगों के खड़े होने की व्यवस्था थी।

उन्होंने बताया कि इससे पहले राष्ट्रवादी कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने प्राधिकृत अधिकारी एवं सहायक निबंधक-दुग्ध कृष्णा ठाकरे से मुलाकात कर स्पष्ट किया था कि कम से कम 2,000 लोग आने वाले हैं। इतनी कम व्यवस्था में लोगों के ठहरने की पर्याप्त सुविधा नहीं होगी और कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, इसलिए उचित व्यवस्था करने का अनुरोध किया गया था। इसके बावजूद शक्ति प्रदर्शन के दौरान भारी भीड़ उमड़ पड़ी।

पत्रक के अनुसार, कृष्णा ठाकरे से इस संबंध में जवाब मांगे जाने पर उन्होंने कहा कि उन्होंने प्रशासकों को आवश्यक निर्देश दिए थे, लेकिन उनकी बात नहीं मानी गई, जिसके कारण यह स्थिति बनी। इस दौरान पार्टी के नेता एवं मंत्री हसन मुश्रीफ ने प्रशासक के बारे में पूछताछ की तो उन्हें बताया गया कि प्रशासक अवकाश पर हैं। इसके बाद हसन मुश्रीफ ने प्रशासक मंडल के सदस्य प्रदीप मालगावे से दूरभाष पर बातचीत कर आरोप लगाया कि जानबूझकर ऐसी व्यवस्था की गई ताकि कानून-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न हो और राष्ट्रवादी कांग्रेस के ठराव दर्ज ही न हो सकें।

पत्रक में कहा गया है कि हसन मुश्रीफ के साथ पूर्व विधायक के. पी. पाटील, पूर्व विधायक राजेश पाटील, जयसिंगपुर के नगराध्यक्ष संजय पाटील-यड्रावकर, पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष राहुल पाटील, अरुणराव डोंगळे, शिरोळ के पूर्व नगराध्यक्ष अमरसिंह माने-पाटील, युवराज पाटील, किसनराव चौगुले, रणवीरसिंह गायकवाड, नवीद मुश्रीफ, छोटूराव इंगवले, सुधीर देसाई तथा सतीश पाटील-गिजवणेकर सहित अनेक वरिष्ठ नेता तीन से चार घंटे तक मौके पर डटे रहे और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास करते रहे।

नेताओं ने कार्यकर्ताओं से कहा कि सभासद पंजीकरण सबसे महत्वपूर्ण है और शाम सात बजे तक अधिक से अधिक ठराव दर्ज कराने का प्रयास किया गया। हालांकि, अनेक लोगों को घर जाकर गाय-भैंसों का दूध निकालना था तथा महिलाओं और बुजुर्गों के ठराव उसी दिन जमा नहीं हो सके। उन्हें सोमवार, 29 जून को ठराव दाखिल करने के लिए कहा गया। कई कार्यकर्ताओं ने ठरावों के गट्ठर लिए थे, लेकिन उनका सही हिसाब उसी समय नहीं हो सका।

बाबासाहेब पाटील-आसुर्लेकर ने विश्वास व्यक्त किया कि ठराव दाखिल करने से एक दिन पहले 618 ठराव सीधे सहायक निबंधक-दुग्ध कार्यालय में जमा हुए थे। यद्यपि ये ठराव सीधे दाखिल हुए हैं, फिर भी पिछले पांच वर्षों के पार्टी के कार्य को देखते हुए इनमें से अधिकांश ठरावधारक मतदान के समय राष्ट्रवादी कांग्रेस का ही समर्थन करेंगे।

उन्होंने कहा कि प्रशासन ने गुरुवार, 24 जून तक 1,653 ठराव दाखिल होने की जानकारी दी थी, लेकिन बाद में इस आंकड़े को सुधारते हुए शुक्रवार, 26 जून को इसे 1,743 घोषित किया। इससे स्पष्ट है कि प्रशासन ने स्वयं अपनी पूर्व घोषित आकड़ेवारी में त्रुटि स्वीकार की है। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं के पास दाखिल किए गए ठरावों की प्राप्ति रसीदें मौजूद हैं और सोमवार, 29 जून को उनकी पूरी जांच की जाएगी।

उन्होंने जानकारी दी कि मंगलवार, 30 जून को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के सभी नेता पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार शेष ठराव दाखिल करेंगे। इसके बाद 2 या 3 जुलाई को आयोजित पत्रकार सम्मेलन में पार्टी द्वारा जमा हुए ठरावों की वास्तविक संख्या सार्वजनिक की जाएगी।

पत्रक के अंत में बाबासाहेब पाटील-आसुर्लेकर ने सभी नेताओं और ठरावधारकों से अपील की कि मतदाता सूची अंतिम रूप लेने के बाद उसी सप्ताह जिला स्तरीय सम्मेलन आयोजित कर प्रत्येक ठरावधारक का फोटोग्राफ लिया जाएगा, जिससे वास्तविक स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी। उन्होंने कहा कि अन्य दल अपनी ठराव संख्या बढ़ाने के लिए कोरे अथवा दोबारा ठराव देने का प्रलोभन दे रहे हैं, लेकिन कोई भी इस लालच में न आए, क्योंकि ऐसा होने पर संबंधित ठराव निरस्त होने की संभावना बनी रहेगी।

Vijay Morbale, Kolhapur

Vijay Morbale, Kolhapur

पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)

शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा

परिचय:

विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।

कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:

विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।

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सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।

ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।

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