कोल्हापुर के गोकुळ दूध संघ के चुनाव में बड़ी कानूनी घड़ामोड़ सामने आई है। मुंबई उच्च न्यायालय की कोल्हापुर सर्किट बेंच ने अवसायन में डाली गई दूध संस्थाओं को पात्र ठहराते हुए उनके सदस्यत्व को मान्यता दी है। इसके साथ ही इन संस्थाओं के मतदान का रास्ता साफ हो गया है। न्यायालय ने संबंधित संस्थाओं को अवसायन में डालने के आदेशों को प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप नहीं माना है।

गोकुळ दूध संघ की कुल 644 सदस्य संस्थाओं को प्रशासन की ओर से अवसायन में डाला गया था। महाराष्ट्र सरकार के इस फैसले के खिलाफ संबंधित सहकारी दूध संस्थाओं ने मुंबई उच्च न्यायालय की कोल्हापुर सर्किट बेंच का रुख किया था। इन याचिकाओं पर सुनवाई पूरी होने के बाद आज न्यायालय ने संस्थाओं के पक्ष में फैसला सुनाया।

मुंबई उच्च न्यायालय की कोल्हापुर सर्किट बेंच के न्यायमूर्ति शैलेश ब्रह्मे ने सहायक निबंधक (दुग्ध) कृष्णा ठाकरे द्वारा जारी अवसायन के आदेशों पर महत्वपूर्ण टिप्पणी की। न्यायालय ने निरीक्षण किया कि ये आदेश प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप नहीं थे और इन्हें स्वीकार नहीं किया जा सकता। इसके परिणामस्वरूप अवसायन में डाली गई संस्थाओं को फिर से पात्रता मिल गई और उनके मतदान के अधिकार पर लगा अवरोध भी दूर हो गया।

इस मामले में संबंधित दूध संस्थाओं की ओर से वरिष्ठ विधिज्ञ एडवोकेट श्रीनिवास पटवर्धन, एडवोकेट भूषण मंडलिक, एडवोकेट प्रबोध पाटील और एडवोकेट धैर्यशील पवार ने पक्ष रखा। वहीं, सरकार की ओर से एडवोकेट सतीश तळेकर ने कार्यवाही संभाली।

आज सुबह करीब पौने ग्यारह बजे फैसला सुनाए जाने के बाद सहनिबंधक (दुग्ध) कार्यालय के सामने संबंधित संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने गुलाल उड़ाकर और पटाखे फोड़कर खुशी मनाई। न्यायालय के इस फैसले के बाद गोकुळ दूध संघ की चुनाव प्रक्रिया को नया मोड़ मिला है और अवसायन में डाली गई संस्थाओं के मतदान का रास्ता भी खुल गया है।

Vijay Morbale, Kolhapur

Vijay Morbale, Kolhapur

पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)

शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा

परिचय:

विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।

कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:

विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।

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