गोकुळ दूध संघ के चुनाव में अवसायन में चल रही दूध संस्थाओं और दुबार ठराव दाखिल करने वाली संस्थाओं की पात्रता को लेकर मुंबई हाईकोर्ट की कोल्हापुर सर्किट बेंच ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। राधानगरी तालुका के खामकरवाडी स्थित श्री दत्त सहकारी दूध संस्था की याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने संस्था को कच्ची मतदाता सूची से बाहर करने का आदेश रद्द कर दिया और उसका नाम मतदाता सूची में शामिल करने के निर्देश दिए।

श्री दत्त सहकारी दूध संस्था ने गोकुळ दूध संघ के चुनाव के लिए दुबार ठराव दाखिल किया था। याचिका में दावा किया गया कि महाराष्ट्र सहकारी संस्था नियमों के अनुसार दुबार ठरावों पर सुनवाई 21 अगस्त से 31 अगस्त 2026 के बीच होनी अपेक्षित थी। इसके बावजूद सहनिबंधक-दुग्ध कृष्णा ठाकरे ने दुबार ठराव की सुनवाई के लिए नोटिस जारी कर उसकी सुनवाई 16 जुलाई 2026 को ही कर ली।

इसके बाद अवसायन का ठपका लगाते हुए संबंधित संस्था को गोकुळ दूध संघ की कच्ची मतदाता सूची में शामिल नहीं किए जाने का आदेश 11 अगस्त 2026 को जारी किया गया। इस आदेश के खिलाफ श्री दत्त सहकारी दूध संस्था ने 17 अगस्त को मुंबई हाईकोर्ट की कोल्हापुर सर्किट बेंच में याचिका दाखिल की।

याचिका पर 18 अगस्त को न्यायमूर्ति शैलेश ब्रह्मे के समक्ष सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद अदालत ने संबंधित आदेश रद्द करते हुए श्री दत्त सहकारी दूध संस्था का नाम मतदाता सूची में शामिल करने के निर्देश दिए।

इस दौरान अवसायन में चल रही दूध संस्थाओं के संबंध में हाईकोर्ट द्वारा 1 जुलाई 2026 और 12 अगस्त 2026 को दिए गए आदेशों की सही व्याख्या किए बिना कार्रवाई किए जाने पर अदालत ने शासन की भूमिका पर भी नाराजगी जताई। याचिकाकर्ताओं के अनुसार, विभागीय उपनिबंधक तथा जिला चुनाव अधिकारी देविदास मिसाळ ने हाईकोर्ट के अंतरिम और अंतिम आदेशों की गलत व्याख्या करते हुए अवसायन में चल रही संस्थाओं को कच्ची मतदाता सूची से बाहर कर दिया था। इस मामले में अदालत ने कड़ी टिप्पणी भी की।

इस फैसले के बाद गोकुळ दूध संघ के चुनाव में अवसायन में चल रही सदस्य दूध संस्थाओं के मतदान की पात्रता का मुद्दा फिर से केंद्र में आ गया है। उच्च न्यायालय के निर्णय से अवसायन में चल रही दूध संस्थाओं को मतदाता सूची में शामिल किए जाने का रास्ता खुलने का दावा किया जा रहा है। साथ ही, केवल अवसायन के आधार पर ऐसी संस्थाओं को मतदान से वंचित करने की प्रक्रिया को भी इस फैसले से बड़ा झटका लगा है।

Vijay Morbale, Kolhapur

Vijay Morbale, Kolhapur

पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)

शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा

परिचय:

विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।

कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:

विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।

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