गोकुल दूध संघ चुनाव को लेकर महायुति के भीतर बयानबाजी तेज होने के बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के कोल्हापुर जिलाध्यक्ष बाबासाहेब पाटील-आसुर्लेकर ने भारतीय जनता पार्टी के नेताओं से संयम, परिपक्वता और बड़े भाई की भूमिका निभाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी देश और राज्य की सबसे बड़ी पार्टी है और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने हमेशा इसे स्वीकार किया है। महायुति धर्म का पालन करते हुए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने कभी भी भाजपा की आलोचना नहीं की और न ही भाजपा के ठरावधारकों की संख्या सार्वजनिक की।

उन्होंने कहा कि महासैनिक दरबार हॉल में शक्ति प्रदर्शन के दौरान ठराव जमा करने के बाद आयोजित सभा में सांसद धनंजय महाडिक और विधायक शिवाजीराव पाटील द्वारा दिए गए वक्तव्य अनावश्यक रूप से महायुति के भीतर मतभेद पैदा करने वाले हैं। उन्होंने दोनों नेताओं से भविष्य में धैर्य, समझदारी और बड़ेपन का परिचय देने का आग्रह किया।

बाबासाहेब पाटील-आसुर्लेकर ने कहा कि सांसद धनंजय महाडिक ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी द्वारा जारी आंकड़ों पर प्रश्न उठाए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि विधायक राजेंद्र पाटील-यड्रावकर भले ही शिवसेना के शिंदे गुट से जुड़े हों, लेकिन शिरोळ तालुका में वे लंबे समय से अपक्ष के रूप में कार्य करते रहे हैं। विधानसभा, जिला परिषद, नगरपालिका, जिला मध्यवर्ती बैंक, गोकुल तथा अन्य सभी चुनावों में उनकी भूमिका राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और नेता हसन मुश्रीफ के नेतृत्व के साथ रही है। उन्होंने कहा कि विधायक राजेंद्र पाटील-यड्रावकर के भाई तथा जयसिंगपुर के नगराध्यक्ष संजय पाटील-यड्रावकर ने भी स्पष्ट रूप से कहा है कि वे शिवसेना शिंदे गुट में रहते हुए सहकार क्षेत्र में जिला मध्यवर्ती बैंक और गोकुल चुनाव में मंत्री हसन मुश्रीफ के नेतृत्व में कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि राजेंद्र पाटील-यड्रावकर चाहे राष्ट्रवादी का समर्थन करें या शिवसेना का, दोनों महायुति का हिस्सा हैं, इसलिए इस विषय पर भ्रम फैलाने की आवश्यकता नहीं है।

उन्होंने कहा कि सांसद महाडिक ने कुपेकर समूह के मतों का भी उल्लेख किया, जबकि स्वयं सौ. नंदाताई बाभुळकर ने पत्रकार परिषद में स्पष्ट किया था कि जिला परिषद चुनाव संयुक्त रूप से लड़ा गया और गडहिंग्लज तथा चंदगड तालुका के सभी गोकुल ठरावधारक मंत्री हसन मुश्रीफ के नेतृत्व में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के साथ रहेंगे।

शेकाप पार्टी के ठरावों को लेकर उठाए गए सवालों पर उन्होंने कहा कि विधानसभा और हाल ही में हुए जिला परिषद चुनाव में पूर्व विधायक संपतराव पवार-पाटील तथा स्वर्गीय पी. एन. पाटील के दोनों गुटों के वर्षों पुराने राजनीतिक मतभेद समाप्त हो चुके हैं। हाल ही में संपतराव पवार-पाटील के पुत्र क्रांतिकुमार पाटील ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के चुनाव चिन्ह पर जिला परिषद चुनाव लड़कर भारी मतों से जीत दर्ज की है। इसलिए उनके सभी ठराव राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की ओर से ही दिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि अवसायन के 200 से 250 ठराव जनसुराज्य, शिवसेना शिंदे गुट और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के संयुक्त ठराव हैं। ऐसे में इन ठरावों को हटाने का प्रयास वास्तव में महायुति को ही नुकसान पहुंचाएगा। उन्होंने कहा कि ये सभी महायुति के निष्ठावान कार्यकर्ताओं के ठराव हैं, जो पैनल टू पैनल मतदान करते हैं। भाजपा इन्हें हटाने पर क्यों अड़ी हुई है, यह आज तक समझ से परे है। उन्होंने कहा कि इससे सबसे अधिक लाभ महाविकास आघाड़ी को मिलेगा और इस संबंध में भाजपा के वरिष्ठ नेतृत्व को कई बार आगाह भी किया गया है।

बाबासाहेब पाटील-आसुर्लेकर ने कहा कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी द्वारा जारी की गई पूरी आंकड़ेदारी वस्तुनिष्ठ और तथ्यात्मक है। उन्होंने बताया कि 26 जून को जारी जानकारी के अनुसार 618 ठराव प्रत्यक्ष रूप से प्राप्त हुए थे। 25 जून को शक्ति प्रदर्शन के दौरान 1743 ठराव जमा किए गए तथा 29 जून को पुनः 101 ठराव जमा किए गए। एक जुलाई को अंतिम समय तक प्राप्त होने वाले शेष ठरावों के बाद शाम को अंतिम आंकड़े सार्वजनिक किए जाएंगे। इसके बाद अंतिम सूची तैयार होने पर सभी को बुलाकर फोटोग्राफी के माध्यम से वास्तविक संख्या मीडिया के सामने रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि उम्मीदवार चयन के समय विवाद उत्पन्न न हो, इसलिए पहले ही ठराव प्रस्तुत करने और पूरी स्थिति सार्वजनिक करने का निर्णय लिया गया था। उन्होंने सांसद धनंजय महाडिक से भी अपनी वास्तविक आंकड़ेदारी सार्वजनिक करने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा कि सांसद महाडिक ने अपने भाषण में एक 'एक्का' राष्ट्रवादी से आने और तीन 'एक्के' बाकी होने की बात कही थी। उन्होंने कहा कि जिस तालुका से एक बड़ा नेता लिया गया, वहां महायुति के अन्य वरिष्ठ नेता नाराज न हों, इसका भी ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज भी कई बड़े ठरावधारक राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी का समर्थन करने को तैयार हैं, लेकिन संबंधित स्थानीय नेतृत्व को विश्वास में लिए बिना कोई निर्णय नहीं लिया जाएगा। यदि यह चुनाव महायुति धर्म के तहत लड़ना है तो सभी को संयम और जिम्मेदारी के साथ एकजुट होकर कार्य करना होगा, अन्यथा सभी की अनावश्यक बदनामी होगी।

उन्होंने विभागीय सहकार उपनिबंधक द्वारा 427 संस्थाओं की सदस्यता रद्द करने के आदेश को भी गंभीर विषय बताया। उन्होंने कहा कि इस निर्णय का गोकुल चुनाव पर व्यापक प्रभाव पड़ेगा। इस संबंध में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर कार्रवाई वापस लेने का अनुरोध किया जाएगा। यदि ऐसा नहीं हुआ तो राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी न्यायालय का दरवाजा खटखटाने के लिए बाध्य होगी। उन्होंने कहा कि मतदान से एक दिन पहले तक भी न्यायालयीन लड़ाई लड़ने के लिए पार्टी पूरी तरह तैयार है, लेकिन राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, शिवसेना शिंदे गुट और जनसुराज्य सहित तीनों सहयोगी दलों की भावना है कि ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होनी चाहिए।

Pratahkal Bureau

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