गोकुळ दूध संघ की अंतिम मतदाता सूची से अवसान में चल रही 48 सदस्य दूध संस्थाओं को बाहर किए जाने के मामले में मुंबई उच्च न्यायालय की कोल्हापुर सर्किट बेंच ने कड़ी नाराजगी जताई है। न्यायालय के आदेश की गलत व्याख्या कर इन संस्थाओं को अंतिम मतदाता सूची से बाहर करने के आरोप में जिला सहकारी चुनाव अधिकारी तथा विभागीय उपनिबंधक देविदास मिसाळ और नारायण परजणे के खिलाफ ‘सु-मोटो’ (Suo Motu) अवमानना की कार्रवाई क्यों न की जाए, इसे लेकर नोटिस जारी की गई है। संबंधित अधिकारियों को 9 अक्टूबर को न्यायालय के समक्ष उपस्थित रहने के निर्देश भी दिए गए हैं।

मुंबई उच्च न्यायालय की कोल्हापुर सर्किट बेंच में न्यायमूर्ति शैलेश ब्रम्हे के समक्ष इस मामले की सुनवाई हुई। संबंधित संस्थाओं की ओर से अधिवक्ता चेतन पाटील और अधिवक्ता धैर्यशील पोवार ने पक्ष रखा, जबकि सरकार की ओर से अधिवक्ता दिलीप बोडके ने दलील पेश की।

गोकुळ दूध संघ के चुनाव के लिए शुरुआत में कुल 5,470 सदस्यों की सूची प्रस्तुत की गई थी। इसके बाद प्रशासन ने 4 अगस्त को 5,332 सदस्यों की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की। इस सूची से कुल 138 संस्थाओं को बाहर किया गया था, जिनमें अवसान में चल रही 48 संस्थाएं भी शामिल थीं।

इन संस्थाओं को इससे पहले दायर याचिका में सीधे पक्षकार नहीं होने का कारण बताते हुए अंतिम मतदाता सूची से बाहर कर दिया गया था। इसके खिलाफ संबंधित संस्थाओं ने दोबारा उच्च न्यायालय का रुख किया।

न्यायालय ने पहले ही 31 अगस्त को नारायण परजणे द्वारा जारी आदेशों को पूरी तरह रद्द कर दिया था। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि याचिका में पक्षकार नहीं बनाई गई संस्थाओं को भी न्यायालय के आदेश के अनुसार अंतिम मतदाता सूची में शामिल करना आवश्यक था। ऐसे में आदेश की गलत व्याख्या कर 48 संस्थाओं को मतदाता सूची से बाहर किए जाने पर न्यायालय ने संबंधित अधिकारियों के प्रति कड़ी नाराजगी जताई।

उच्च न्यायालय ने बाहर की गई सभी 48 संस्थाओं को पक्की अंतिम मतदाता सूची में तत्काल शामिल करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। इसके बाद गोकुळ दूध संघ की अंतिम मतदाता सूची में सदस्यों की संख्या 5,332 से बढ़कर 5,380 हो गई है।

Vijay Morbale, Kolhapur

Vijay Morbale, Kolhapur

पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)

शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा

परिचय:

विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।

कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:

विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।

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