श्रीराम हाईस्कूल में भावी शिक्षकों ने किया ओजोन संरक्षण पर पथनाट्य
आचार्य जावडेकर शिक्षाशास्त्र महाविद्यालय के छात्र प्रशिक्षुओं ने नुक्कड़ नाटक के जरिए पर्यावरण सुरक्षा और प्रदूषण नियंत्रण का दिया संदेश।

तस्वीर में स्कूल के मैदान पर छात्र नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत करते दिख रहे हैं।
गारगोटी येथील श्री मौनी विद्यापीठ संचलित आचार्य जावडेकर शिक्षणशास्त्र महाविद्यालयाच्या शालेय आंतरवासिता टप्पा दोन अंतर्गत श्रीराम हायस्कूल, गंगापूर येथे छात्र प्रशिक्षणार्थींनी ‘ओझोन वाचवा, पृथ्वी वाचवा’ या विषयावर पथनाट्य सादर करून पर्यावरण संरक्षणाचा संदेश दिला.
शाळेच्या प्रशस्त मैदानावर सादर झालेल्या या पथनाट्यात ओझोन थराचे महत्त्व, वाढते प्रदूषण, पर्यावरणाचा ऱ्हास, वृक्षतोड तसेच मानवी जीवनावर होणारे दुष्परिणाम याबाबत जनजागृती करण्यात आली. प्रभावी संवाद, घोषवाक्ये आणि अभिनयाच्या माध्यमातून छात्र प्रशिक्षणार्थींनी पर्यावरण संवर्धनाचा संदेश उपस्थितांच्या मनावर ठसविला.
या पथनाट्याला प्रशालेचे मुख्याध्यापक, शिक्षक, शिक्षकेतर कर्मचारी तसेच विद्यार्थी मोठ्या संख्येने उपस्थित होते. विद्यार्थ्यांनी पथनाट्याला उत्स्फूर्त प्रतिसाद देत पर्यावरण संरक्षणाची जबाबदारी प्रत्येकाने स्वीकारण्याचा संदेश आत्मसात केला.
या उपक्रमासाठी गट मार्गदर्शक प्रा. डॉ. आर. के. शेळके यांचे मार्गदर्शन लाभले. छात्र मुख्याध्यापिका शरयू वास्कर व छात्र उपमुख्याध्यापक ऋषिकेश माळी यांच्या नियोजन व सहकार्याने हा उपक्रम यशस्वीपणे पार पडला. प्रशालेचे मुख्याध्यापक, शिक्षक व शिक्षकेतर कर्मचाऱ्यांचेही मोलाचे सहकार्य लाभले.
‘ओझोनचे संरक्षण म्हणजे पृथ्वीचे संरक्षण आणि पृथ्वीचे संरक्षण म्हणजे आपल्या भविष्याचे संरक्षण’ हा पर्यावरण संवर्धनाचा संदेश देत पथनाट्याचा समारोप करण्यात आला. गंगापूर येथील श्रीराम हायस्कूलमध्ये छात्र प्रशिक्षणार्थींनी सादर केलेल्या या पथनाट्यातून ओझोन संरक्षण आणि पर्यावरण संवर्धनाबाबत जनजागृती करण्यात आली.

Vijay Morbale, Kolhapur
पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)
शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा
परिचय:
विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।
कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:
विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।
पत्रकारिता का दृष्टिकोण:
सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।
ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।
