रसायनशास्त्र की अवधारणाओं को कला से जोड़कर विद्यार्थियों ने रंगोली में उतारा विज्ञान, कर्मवीर हिरे महाविद्यालय में अनूठी पहल
महाराष्ट्र के गारगोटी स्थित कर्मवीर हिरे महाविद्यालय में रसायनशास्त्र विभाग की कलात्मक एवं रचनात्मक भित्तिपत्रिका प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने रंगोली और पोस्टर के जरिए रासायनिक प्रक्रियाओं, विज्ञान के नियमों और पर्यावरण जागरूकता को प्रस्तुत किया।

महाराष्ट्र के गारगोटी स्थित कर्मवीर हिरे महाविद्यालय में आयोजित रसायनशास्त्र प्रदर्शनी के दौरान विद्यार्थियों द्वारा बनाई गई कलाकृतियों का अवलोकन करते प्राचार्य डॉ. यू. आर. शिंदे एवं शिक्षकगण।
महाराष्ट्र के गारगोटी स्थित श्री मौनी विद्यापीठ संचालित कर्मवीर हिरे महाविद्यालय में विद्यार्थियों ने रसायनशास्त्र की अवधारणाओं को रंगोली, पोस्टर और कलात्मक भित्तिपत्रिकाओं के माध्यम से प्रस्तुत किया। महाविद्यालय के रसायनशास्त्र विभाग की ओर से आयोजित ‘कलात्मक एवं रचनात्मक भित्तिपत्रिका’ प्रदर्शनी में विज्ञान और कला का संगम देखने को मिला। विद्यार्थियों ने विभिन्न वैज्ञानिक अवधारणाओं को आकर्षक रूप में प्रदर्शित किया।
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. डॉ. यू. आर. शिंदे की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों की कलात्मकता और रचनात्मकता की सराहना की गई। प्राचार्य डॉ. शिंदे ने कहा कि विज्ञान जैसे विषय को कलात्मक और रचनात्मक माध्यमों से प्रस्तुत करने पर उसे समझना अधिक आसान, रोचक और सरल हो जाता है। उन्होंने विद्यार्थियों से ऐसे नवीन उपक्रमों के माध्यम से अपनी कल्पनाशीलता को अवसर देने और अनुसंधान के प्रति रुचि विकसित करने का आह्वान किया।
प्रदर्शनी की विशेषता यह रही कि विद्यार्थियों ने कागज पर पोस्टर बनाने के साथ-साथ रंगोली के माध्यम से भी विभिन्न वैज्ञानिक विषयों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। रासायनिक प्रक्रियाओं, विज्ञान के नियमों और पर्यावरण जागरूकता जैसे विषयों को रंगों की सहायता से आकर्षक स्वरूप दिया गया। विद्यार्थियों की इन रचनात्मक प्रस्तुतियों को देखकर उपस्थित लोगों ने उनकी विशेष सराहना की।
कार्यक्रम की शुरुआत रसायनशास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. एस. एम. पाटील के प्रास्ताविक से हुई। उन्होंने प्रदर्शनी के उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए विभाग की ओर से संचालित विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। प्रदर्शनी का संयोजन प्रो. डी. ए. फडणीस ने किया। डॉ. सी. आर. पाटील ने कार्यक्रम का संचालन किया, जबकि डॉ. यू. बी. चौगले ने आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर प्रो. पी. आर. खराडे, प्रो. डी. बी. मोहिते, डॉ. एस. एम. बागवान और प्रो. एस. एम. वरुटे सहित महाविद्यालय के प्राध्यापक, रसायनशास्त्र विभाग के शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
प्रदर्शनी के दौरान प्राचार्य प्रो. डॉ. यू. आर. शिंदे और प्राध्यापकों ने विद्यार्थियों द्वारा रंगोली एवं रंगों के माध्यम से तैयार की गई विज्ञान विषयक कलाकृतियों का अवलोकन किया। यह आयोजन विद्यार्थियों की रचनात्मकता को मंच प्रदान करने और रसायनशास्त्र की अवधारणाओं को कलात्मक माध्यम से प्रस्तुत करने के उद्देश्य से उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।

Vijay Morbale, Kolhapur
पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)
शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा
परिचय:
विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।
कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:
विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।
पत्रकारिता का दृष्टिकोण:
सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।
ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।
