पर्यावरण संरक्षण में युवाओं की भूमिका अहम, वनक्षेत्रपाल एन. बी. खताल ने छात्रों से निभाने को कहा पर्यावरण रक्षक की जिम्मेदारी
कोल्हापुर के कर्मवीर हिरे महाविद्यालय में आयोजित पर्यावरण जनजागरूकता कार्यक्रम में वनक्षेत्रपाल एन. बी. खताल ने युवाओं से पर्यावरण रक्षक बनकर प्रकृति संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया।

कर्मवीर हिरे महाविद्यालय गारगोटी में आयोजित पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम के दौरान पॉडियम से संबोधित करते वक्ता और मंच पर उपस्थित प्राध्यापक।
कोल्हापुर के गारगोटी स्थित कर्मवीर हिरे महाविद्यालय में आयोजित पर्यावरण जनजागरूकता कार्यक्रम में भुदरगढ़ के वनक्षेत्रपाल एन. बी. खताल ने युवाओं से पर्यावरण रक्षक बनकर प्रकृति संरक्षण की जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने और बढ़ते प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए युवाओं की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है।
कर्मवीर हिरे महाविद्यालय के रसायनशास्त्र विभाग, आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) और विज्ञान मंडल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 'पर्यावरण जनजागरूकता' कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए वनक्षेत्रपाल एन. बी. खताल ने पर्यावरण के समक्ष मौजूद वर्तमान चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभावों तथा उनसे निपटने में युवाओं की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण, प्लास्टिकमुक्त अभियान, जल संरक्षण तथा देशी वनस्पतियों का संवर्धन समय की आवश्यकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से पर्यावरण संरक्षण के लिए केवल जागरूकता तक सीमित न रहकर प्रत्यक्ष कार्यों के माध्यम से योगदान देने की अपील की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. डॉ. यू. आर. शिंदे ने की। मंच पर बीएससी विभाग प्रमुख डॉ. एम. एस. देसाई, आईक्यूएसी समन्वयक डॉ. एस. ए. व्हनळकर, रसायनशास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. एस. एम. पाटील तथा एमएससी विभाग प्रमुख डॉ. यू. बी. चौगुले उपस्थित रहे।
अपने अध्यक्षीय संबोधन में प्राचार्य प्रो. डॉ. यू. आर. शिंदे ने दैनिक जीवन में पर्यावरण अनुकूल आदतों को अपनाने के महत्व पर बल दिया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने के उद्देश्य से रसायनशास्त्र विभाग द्वारा आयोजित यह पहल सराहनीय है।
रसायनशास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. एस. एम. पाटील ने कार्यक्रम की प्रस्तावना प्रस्तुत की। कार्यक्रम में दूर शिक्षण विभाग के समन्वयक डॉ. वी. ए. जगताप, प्रो. एम. एल. कल्याणकर, प्रो. पी. आर. खराडे, प्रो. डी. बी. मोहिते, प्रो. एस. एम. बागवान, प्रो. डी. ए. फडणीस, प्रो. आकांक्षा पाटील, प्रो. स्वामी सहित प्राध्यापक, शिक्षकेतर कर्मचारी और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. सी. आर. पाटील ने किया, जबकि डॉ. यू. बी. चौगुले ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के समापन पर विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण की शपथ भी दिलाई, ताकि वे प्रकृति संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी को व्यवहार में उतार सकें।

Vijay Morbale, Kolhapur
पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)
शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा
परिचय:
विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।
कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:
विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।
पत्रकारिता का दृष्टिकोण:
सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।
ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।
