कोल्हापुर के गारगोटी स्थित श्री मौनी विद्यापीठ संचालित कर्मवीर हिरे महाविद्यालय के वनस्पति विज्ञान विभाग की ओर से ‘देवराई संवर्धन’ विषय पर व्याख्यान तथा ‘नक्षत्र वन व आराध्य वृक्ष’ प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस पहल का उद्देश्य भारतीय संस्कृति और पर्यावरण के अनूठे संबंध से विद्यार्थियों को परिचित कराना तथा वृक्षों के सांस्कृतिक, औषधीय और पर्यावरणीय महत्व के प्रति जागरूक करना था।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मानद वन्यजीव रक्षक, वन्यजीव अध्ययनकर्ता एवं छायाचित्रकार श्री विजय दि. पाटील उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि देवराई जैवविविधता का प्राकृतिक भंडार है, जहां अनेक दुर्लभ वनस्पतियां और वन्यजीव आश्रय पाते हैं। उन्होंने जैवविविधता के संरक्षण और संवर्धन को वर्तमान समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता बताया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रा. डॉ. यू. आर. शिंदे ने की। उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए नक्षत्र वृक्ष एवं आराध्य वृक्षों से संबंधित जानकारी वाले फलक और नमूनों का अवलोकन कर उनकी सराहना की। अपने अध्यक्षीय संबोधन में उन्होंने कहा कि ऐसे प्रदर्शनों के माध्यम से प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा और पर्यावरण संरक्षण के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित किया जा सकता है। उन्होंने वनस्पति विज्ञान विभाग के इस उपक्रम को अनुकरणीय बताया।

कार्यक्रम के प्रारंभ में बी.एस्सी. समन्वयक डॉ. एम. एस. देसाई ने प्रस्तावना प्रस्तुत की। उन्होंने 27 नक्षत्रों से संबंधित वृक्षों तथा 12 राशियों के आराध्य वृक्षों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने जन्म नक्षत्र से संबंधित वृक्ष का रोपण करे तो पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्वास्थ्य को भी लाभ मिल सकता है।

इस अवसर पर आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ के समन्वयक डॉ. एस. ए. व्हनाळकर, विज्ञान मंडल के संचालक डॉ. व्ही. ए. जगताप, प्रा. आर. जे. लाड, प्रा. ज्योति गुरव सहित महाविद्यालय के प्राध्यापक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

प्रदर्शनी में विभिन्न नक्षत्रों से संबंधित वृक्षों, उनके आयुर्वेदिक उपयोगों तथा पर्यावरणीय महत्व की जानकारी आकर्षक सूचना फलक के माध्यम से प्रस्तुत की गई। कार्यक्रम के अंत में प्रा. सी. पी. भगत ने उपस्थित सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। भारतीय संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण और जैवविविधता के महत्व को विद्यार्थियों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने वाला यह आयोजन विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।

Vijay Morbale, Kolhapur

Vijay Morbale, Kolhapur

पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)

शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा

परिचय:

विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।

कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:

विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।

पत्रकारिता का दृष्टिकोण:

सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।

ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।

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