गोदावरी में बढ़ा जलस्तर, गंगापुर धरण से 12,600 क्यूसेक विसर्ग; प्रशासन अलर्ट
गोदावरी नदी में बढ़े जलस्तर और गंगापुर धरण से जारी पानी विसर्ग के बीच प्रशासन ने नागरिकों को सतर्क रहने का आवाहन किया है।

तस्वीर में गोदावरी नदी में बहता पानी और जलस्तर की स्थिति दिखाई दे रही है।
गंगापुर धरण के ऊपरी भाग में हुई भारी बारिश के चलते धरण से 12 हजार 600 क्यूसेक पानी का विसर्ग शुरू है। वहीं शहर परिसर में हुई बारिश के कारण गोदावरी नदी के होळकर पुल के पास से वर्तमान में 19 हजार 79 क्यूसेक पानी का विसर्ग हो रहा है। आज सायंकाळ तक पानी के स्तर में और बढ़ोतरी की संभावना को देखते हुए जिलाधिकारी आयुष प्रसाद ने नागरिकों से पुलिस, महानगरपालिका और अग्निशमन दल के निर्देशों का पालन करने का आवाहन किया है।
जिलाधिकारी कार्यालय के मध्यवर्ती सभागृह में आयोजित पत्रकार परिषद में जिलाधिकारी श्री. प्रसाद ने स्थिति की जानकारी दी। इस दौरान निवासी उपजिलाधिकारी रोहितकुमार राजपूत, जिला नियोजन अधिकारी विजय शिंदे और जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी श्रीकृष्ण देशपांडे उपस्थित थे।
जिलाधिकारी आयुष प्रसाद ने बताया कि त्र्यंबकेश्वर तालुका में जारी बारिश के कारण गोदावरी नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी हुई है। कश्यपी धरण 71 प्रतिशत और गौतमी गोदावरी धरण 90 प्रतिशत भर चुका है, जिससे गंगापुर धरण में पानी की आवक बढ़ी है। गंगापुर धरण 97 प्रतिशत भर गया है और इससे नदी पात्र में 12 हजार 600 क्यूसेक पानी का विसर्ग शुरू है।
इसके साथ ही नदी और नाले उफान पर होने के कारण वर्तमान में होळकर पुल के पास 19 हजार 79 क्यूसेक की गति से पानी का विसर्ग जारी है। सायंकाळ तक जलस्तर बढ़ने की संभावना को देखते हुए नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की गई है। महानगरपालिका और पुलिस दल को भी सतर्क कर दिया गया है। सराफ बाजार परिसर के नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए गए हैं।
सायखेडा और चांदोरी परिसर में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ओमकार पवार तथा निफाड के उपविभागीय अधिकारी डॉ. शशिकांत मंगरुळे स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
जिलाधिकारी ने बताया कि गोदावरी नदी से 62 हजार क्यूसेक पानी विसर्ग का उच्चांक दर्ज है। वर्ष 2008 में 42 हजार क्यूसेक पानी का विसर्ग हुआ था। वर्तमान में ऐसी स्थिति नहीं है।
त्र्यंबकेश्वर तालुका में पिछले 24 घंटे में 194 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। वहीं मालेगांव में गिरणा नदी किनारे रहने वाले 16 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया है। बारिश और तेज हवा के कारण त्र्यंबकेश्वर में पत्रा उड़ने से आठ पर्यटकों में से एक व्यक्ति घायल हुआ है, जिसका उपचार जिला अस्पताल में जारी है।
महाराष्ट्र-गुजरात सीमा पर एक बस नदी पात्र में फंस गई थी। सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। इस संबंध में जिला प्रशासन बलसाड (गुजरात) प्रशासन के संपर्क में है।
आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए जिला आपदा निवारण कक्ष स्थापित किया गया है। नागरिकों से जोखिम वाले स्थानों और नदी किनारे जाने से बचने की अपील की गई है। प्रशासन ने नागरिकों से घबराए बिना पुलिस, महानगरपालिका और अग्निशमन दल के निर्देशों का पालन करने को कहा है।
जिले की सभी स्वास्थ्य संस्थाओं में पर्याप्त दवाओं का भंडार और सर्पदंश प्रतिबंधक टीकों का स्टॉक उपलब्ध कराया गया है। बिजली वितरण कंपनी को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। आज दोपहर विभागीय आयुक्त डॉ. प्रवीण गेडाम, पुलिस आयुक्त संदीप कर्णिक और उपमहापौर ने नदी क्षेत्र का निरीक्षण कर संबंधित यंत्रणा को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी श्री. प्रसाद ने बताया कि जिले के सात रास्ते बंद हैं और उन्हें पूर्ववत करने के प्रयास जारी हैं।

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