डॉल्बीमुक्त गणेशोत्सव पर पुलिस सख्त, 57 गांवों के गणेश मंडलों को दिए जरूरी निर्देश
मुरगूड में 57 गांवों के गणेश मंडलों की बैठक में पुलिस ने डॉल्बीमुक्त उत्सव, कानून व्यवस्था और जरूरी अनुमतियों को लेकर अहम निर्देश दिए।

तस्वीर में मुरगूड में आयोजित गणेशोत्सव बैठक के दौरान मंच पर बैठे अधिकारी और एक पुलिसकर्मी को माइक पर संबोधित करते हुए देखा जा सकता है।
गणेशोत्सव को डॉल्बीमुक्त, शांतिपूर्ण और समाजोपयोगी गतिविधियों के साथ मनाने को लेकर पुलिस प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। कागल विभाग के डीवायएसपी आप्पासाहेब पवार ने गणेश मंडलों के कार्यकर्ताओं से कानून एवं व्यवस्था का पालन करते हुए उत्सव मनाने का आह्वान किया।
मुरगूड में मुरगूड सहित आसपास के 57 गांवों के सार्वजनिक गणेश मंडलों के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मुरगूड नगराध्यक्षा सुहासिनीदेवी पाटील ने की।
डीवायएसपी आप्पासाहेब पवार ने कहा कि अज्ञानता या अनजानेपन में किए गए किसी भी कृत्य के भविष्य में परिणाम न भुगतने पड़ें, इसके लिए गणेश मंडलों के कार्यकर्ताओं को सजगता और सावधानी बरतनी चाहिए। उन्होंने कानून एवं व्यवस्था का पालन करते हुए इस वर्ष गणेशोत्सव डॉल्बीमुक्त, शांतिपूर्ण तथा समाजोपयोगी गतिविधियों के साथ उत्साहपूर्वक मनाने का आह्वान किया।
पुलिस उपनिरीक्षक अनिकेत कुडले ने उपस्थित लोगों का स्वागत किया। सहायक पुलिस निरीक्षक क्रांती पाटील ने प्रस्तावना रखते हुए आगामी गणेशोत्सव के दौरान सार्वजनिक गणेश मंडलों से प्रशासन और पुलिस को सहयोग करने तथा कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने की अपील की। उन्होंने उत्सव शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से मनाने का भी आह्वान किया।
बैठक के दौरान सार्वजनिक गणेश मंडलों के पदाधिकारियों को मंच की अनुमति, जुलूस, ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग, यातायात व्यवस्था तथा उत्सव से संबंधित आवश्यक नियमों और अनुमतियों की जानकारी दी गई। मंडलों के पदाधिकारियों ने भी अपनी समस्याएं और विभिन्न मांगें प्रशासन के समक्ष रखीं।
इस अवसर पर ओंकार पोतदार (मुरगूड), राजेश पाटील (म्हाकवे), सुनील पाटील (यमगे), नगरसेवक सम्राट मसवेकर, पूर्व नगरसेवक सुनील रणदिवे और पूर्व प्राचार्य महादेव कानकेकर ने अपने विचार व्यक्त किए।
बैठक में सामाजिक कार्यकर्ता सर्जेराव भाट, पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ता ओंकार पोतदार, सर्पमित्र रघुनाथ बोडके, निलेश विलास पाटील, पुलिस पाटील बेनिक्रे, दूधसाखर विद्यानिकेतन के वृक्षमित्र आर. के. पाटील, धनाजी वायदंडे, अशोकसिंह अमोलसिंह काईत, होमगार्ड सनद क्रमांक 1314 कृष्णात रामचंद्र भुते तथा श्रीराम मंगल कार्यालय, मुरगूड का सत्कार किया गया।
इस दौरान मुख्याधिकारी अतिश वाळुंज, उपनगराध्यक्ष रेखाताई मांगले, महादेव कानकेकर, सरपंच संघटना अध्यक्ष कृष्णात कुरणे, पुलिस पाटील संघटना अध्यक्ष आप्पासाहेब पवार सहित क्षेत्र के सरपंच, उपसरपंच, ग्राम पंचायत सदस्य, पुलिस पाटील, सार्वजनिक गणेश मंडलों के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
पुलिस हवलदार प्रशांत गोजारे ने आभार व्यक्त किया। गणेशोत्सव के दौरान कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने और शांतिपूर्ण आयोजन सुनिश्चित करने के लिए 57 गांवों के गणेश मंडलों को नियमों, अनुमतियों और जिम्मेदारियों की जानकारी देना बैठक का प्रमुख उद्देश्य रहा।

Vijay Morbale, Kolhapur
पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)
शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा
परिचय:
विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।
कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:
विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।
पत्रकारिता का दृष्टिकोण:
सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।
ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।
