लातूर, 13 दिसंबर।

देश की संसदीय परंपराओं को गरिमा और अनुशासन से समृद्ध करने वाले, लोकसभा के पूर्व अध्यक्ष और लातूर जिले के सुपुत्र शिवराज पाटील चाकूरकर को आज शासकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। वरवंटी (तालुका लातूर) स्थित पारिवारिक खेत में वैदिक मंत्रोच्चार और राजकीय इतमाम के बीच उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला सहित देश और राज्य के कई शीर्ष नेताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की, जबकि पुलिस दल ने बंदूकों की सलामी देकर उन्हें मानवंदना दी।

सुबह देवघर स्थित निवास पर पुलिस की ओर से सम्मान देने के बाद उनकी अंतिम यात्रा आरंभ हुई। फूलों से सजे रथ में पार्थिव देह को औसा रोड, छत्रपति शिवाजी महाराज चौक और पीवीआर चौक से होते हुए वरवंटी लाया गया। अंतिम संस्कार के समय बड़ी संख्या में नागरिक, सामाजिक-राजनीतिक क्षेत्र के प्रतिनिधि और शोकाकुल जनसमूह उपस्थित रहा। इस दौरान उपस्थित मान्यवरों ने उनके पुत्र शैलेश पाटील चाकूरकर, पुत्रवधू डॉ. अर्चनाताई पाटील चाकूरकर सहित परिजनों को सांत्वना दी।

श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे, कर्नाटक के वन मंत्री ईश्वर खंड्रे, महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण, पूर्व मंत्री दिलीपराव देशमुख सहित अनेक केंद्रीय और राज्य स्तर के नेता शामिल रहे। इसके अलावा सांसद, विधायक, पूर्व मंत्री, वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी, न्यायपालिका से जुड़े पूर्व पदाधिकारी तथा विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य नागरिक भी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि लगभग छह दशकों के सार्वजनिक जीवन में शिवराज पाटील चाकूरकर ने संसदीय लोकतंत्र की गरिमा को सुदृढ़ किया और लोकसभा अध्यक्ष के रूप में संसदीय परंपराओं को नई दिशा दी। उन्होंने संसदीय समितियों को सशक्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसे देश सदैव स्मरण रखेगा।





केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र और लोकतंत्र के प्रति समर्पित एक विनम्र और दूरदर्शी राजनेता का जाना देश के लिए अपूरणीय क्षति है। राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने 1967 से उनके साथ काम करने की स्मृतियों को साझा करते हुए उनके सामाजिक और विकासात्मक योगदान को अविस्मरणीय बताया।

कर्नाटक के वन मंत्री ईश्वर खंड्रे ने कहा कि केंद्र सरकार में विभिन्न पदों पर रहते हुए और लोकसभा अध्यक्ष के रूप में शिवराज पाटील चाकूरकर का कार्य सदैव प्रेरणादायी रहा। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण ने उन्हें अनुशासनप्रिय, मूल्यों से जुड़े और सभी से आत्मीय संबंध रखने वाला नेता बताया। पूर्व मंत्री दिलीपराव देशमुख ने कहा कि उन्होंने किसान, श्रमिक, महिलाओं और युवाओं के मुद्दों को प्राथमिकता देते हुए अपने पदों का उपयोग जनहित में किया।

शिवराज पाटील चाकूरकर का राजनीतिक सफर नगर परिषद अध्यक्ष से लेकर लोकसभा अध्यक्ष तक फैला रहा। सुसंस्कृत, चिंतनशील और चारित्र्यसंपन्न राजनीति के प्रतीक के रूप में उन्होंने लातूर ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति में भी अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। उनके निधन से राजनीतिक और सामाजिक जीवन में एक बड़ी रिक्तता उत्पन्न हुई है, जिसे भर पाना कठिन होगा।

Pratahkal Newsroom

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