लातूर शहर की राजनीति में सोमवार को एक ऐसा पल दर्ज हुआ, जिसने न केवल स्थानीय पटल पर चर्चा छेड़ दी, बल्कि सामाजिक परिवर्तन की एक नई रेखा भी खींच दी। शहर के इतिहास में पहली बार तृतीयपंथी समुदाय से किसी व्यक्ति ने सक्रिय राजनीतिक प्रतिनिधित्व की दिशा में कदम बढ़ाते हुए भाजपा की सदस्यता ग्रहण की है। मौली लातूरकर का यह निर्णय न सिर्फ साहसिक माना जा रहा है, बल्कि मुख्यधारा की राजनीति में सामाजिक समावेशन का एक प्रभावी उदाहरण भी बनकर उभरा है।

दोपहर तीन बजे आयोजित विशेष कार्यक्रम में अर्चनाताई पाटील चाकूरकर के नेतृत्व में मौली लातूरकर ने आधिकारिक रूप से भाजपा का दामन थामा। कार्यक्रम में उपस्थित कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने इस ऐतिहासिक क्षण का स्वागत किया। भाजपा में शामिल होते ही मौली लातूरकर ने लातूर महानगरपालिका चुनाव में प्रभाग संख्या 10, इंडिया नगर क्षेत्र से चुनाव लड़ने की इच्छा व्यक्त की। इसके लिए उन्होंने अर्चनाताई पाटील चाकूरकर से औपचारिक रूप से उम्मीदवार बनाए जाने की मांग भी की।

मौली लातूरकर ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य तृतीयपंथी समाज को मुख्यधारा में स्थान दिलाना, उनकी समस्याओं को राजनीतिक भाष्य में उठाना और उनके अधिकारों के लिए मजबूत आवाज बनना है। लातूर में पहले कभी तृतीयपंथी समुदाय से कोई व्यक्ति इतने बड़े स्तर पर राजनीति में उतरा नहीं था, इसलिए इस पहल को शहर में व्यापक समर्थन प्राप्त हो रहा है। सामाजिक परिवर्तन और प्रतिनिधित्व के नए आयाम खोलने वाली यह घटना अब स्थानीय चर्चा का प्रमुख केंद्र बन गई है।

तृतीयपंथी समाज को सशक्त बनाने और उन्हें राजकीय मंच पर उचित पहचान दिलाने की दिशा में मौली लातूरकर का यह कदम न केवल ऐतिहासिक है, बल्कि प्रेरणादायी भी माना जा रहा है। लातूर की राजनीति के लिए यह क्षण एक नए अध्याय की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है, जो सामाजिक समावेशन को और मजबूत कर सकता है।

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