बिरसा मुंडा जयंती पर फत्तेपूर में वाघदेव यात्रा उत्सव, सामाजिक प्रबोधन के होंगे कार्यक्रम
भगवान बिरसा मुंडा जयंती पर धुले जिले के फत्तेपूर फॉरेस्ट में वाघदेव यात्रा उत्सव आयोजित होगा। कार्यक्रम में आदिवासी संस्कृति, मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान, सामाजिक प्रबोधन गीत और पारंपरिक गांव दिवाली की विशेष नाटिका आकर्षण का केंद्र रहेंगी।

तस्वीर में फत्तेपूर वाघदेव यात्रा उत्सव के संदर्भ में वाघदेव का प्रतीक दर्शाया गया है, जिसका आयोजन 15 नवंबर 2026 को महाराष्ट्र के धुले जिले के शिरपूर स्थित फत्तेपूर फॉरेस्ट में भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के अवसर पर हो रहा है।
महाराष्ट्र के धुले जिले के शिरपूर तालुका स्थित फत्तेपूर फॉरेस्ट में भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के अवसर पर 15 नवंबर 2026 को ‘फत्तेपूर वाघदेव यात्रा उत्सव’ का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर आदिवासी संस्कृति, सामाजिक जागरूकता और पारंपरिक विरासत से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित होंगे। आदिवासी सांस्कृतिक कला मंडल, पावलाकर (नंदुरबार) की ओर से कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे।
कार्यक्रम में प्रमुख अतिथि के रूप में शिरपूर शुगर फैक्ट्री के निदेशक जयवंत पाडवी, कृषि उपज बाजार समिति (कृ.उ.बा.स.) शिरपूर के निदेशक जगन शेवाळे और सांगवी पुलिस स्टेशन के उपनिरीक्षक जयपाल हिरे उपस्थित रहेंगे।
इसके अलावा पूर्व सभापति रतन मुखडे, सरपंच ममता मुखडे, ग्राम पंचायत सचिव चंपालाल पावरा, उपसरपंच रमेश पावरा, पुलिस पाटिल शिवाजी मुखडे, जयवंताबाई मुखडे, कारभारी अण्णा मुखडे, अम्प्पा मुखडे, मगन पाडवी, गांव नाईक चंद्रसिंग भिल, गांव पुजारा शालिकराव पावरा, बिज्या पावरा और गांव वारती शांतीलाल वसावे सहित गांव के विभिन्न गणमान्य लोगों का मार्गदर्शन और आशीर्वाद मिलेगा।
कार्यक्रम में गांव के वरिष्ठ नागरिक ताराचंद शेमले, मंगेश मुखडे, भटू पाडवी, धनजी चव्हाण, होमा चव्हाण, नारायण पवार, कलजी पाडवी, रूपसिंग पाडवी, कुसमा पाडवी, संग्राम पाडवी, ठाणा भामरे, बादल्या पाडवी, मोमल्या पाडवी, राजेश मुखडे, मदन भामरे, बाबू पवार और जतन पाडवी भी शामिल रहेंगे।
उत्सव की शुरुआत आदिवासी कुलदेवी देव मोगरा माता और भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमाओं के पूजन से होगी। हाल ही में निधन होने के कारण गांव में शोक का माहौल है। इस अवसर पर दिवंगत नमलीबाई नारसिंग पाडवी और दिवंगत समीर गनसिंग शेमले को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी।
शैक्षणिक उपलब्धियों को प्रोत्साहित करने के लिए कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करने वाले मेधावी विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों का विशेष सम्मान किया जाएगा।
सामाजिक जागरूकता के उद्देश्य से विभिन्न प्रबोधन गीत प्रस्तुत किए जाएंगे। देश में सूखे के संकट की पृष्ठभूमि में पानी बचाने का संदेश देने वाला गीत विशेष रूप से प्रस्तुत होगा। इसके साथ ही गांजे की खेती और सेवन के दुष्परिणामों के प्रति लोगों को जागरूक करने वाला गीत भी कार्यक्रम का हिस्सा रहेगा। कुलदेवी देव मोगरा माता, रानी दिवाणी और भगवान बिरसा मुंडा की गौरवगाथा पर आधारित विशेष गीत भी प्रस्तुत किए जाएंगे।
उत्सव का एक अन्य प्रमुख आकर्षण विशेष नाटिका होगी। इसमें फत्तेपूर गांव की पारंपरिक ‘गांव दिवाली’ का हूबहू प्रदर्शन किया जाएगा। इसके माध्यम से गांव की सांस्कृतिक परंपरा को प्रस्तुत किया जाएगा।
आयोजकों के अनुसार, यह आयोजन गांव की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के साथ सामाजिक विषयों पर जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से किया जा रहा है। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए आसपास के सभी ग्रामीणों और कला प्रेमी नागरिकों से बड़ी संख्या में उपस्थित रहने की अपील की गई है।
कार्यक्रम का आयोजन 15 नवंबर 2026, गुरुवार को फत्तेपूर फॉरेस्ट, तालुका शिरपूर, जिला धुले में होगा। इसका आयोजन डॉ. अशोक पाडवी और दिनेश मुखडे, युवा समाजसेवक की ओर से किया जा रहा है।

