मुंबई। मुंबई पुलिस ने मंगलवार को शहर के मुलुंड कॉलोनी इलाके में एक अंतरराष्ट्रीय नकली कॉल‑सेंटर का पर्दाफाश किया, जिसमें विदेशी नागरिकों को ऑनलाइन लोन देने का झांसा देकर अवैध रूप से धन वसूला जा रहा था। इस कार्रवाई में कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जो विदेश में रहने वाले नागरिकों को ठगने के मामले में संलिप्त पाए गए।

पुलिस के अनुसार, यह फर्जी कॉल‑सेंटर “Lending Point” नामक संस्था का हवाला देकर अमेरिका और कनाडा के नागरिकों को संपर्क करता था। आरोपियों ने अंतरराष्ट्रीय ई‑सिम कार्ड का उपयोग करते हुए मैसेज और वॉइस कॉल के जरिए लोगों को विश्वास में लिया और त्वरित लोन की पेशकश की। कॉल करने वालों से 90 से 100 अमेरिकी डॉलर की “प्रोसेसिंग फीस” वसूली जाती थी, जिसे उपहार कार्ड, क्रिप्टोकरेंसी और भारतीय बैंक खातों के माध्यम से परिवर्तित किया जाता था।

मुंबई पुलिस को गुप्त सूत्रों से जानकारी मिली कि इस कॉल‑सेंटर से लगातार विदेशी नागरिकों को ठगने के प्रयास किए जा रहे हैं। छापेमारी में पुलिस टीम ने दो लैपटॉप, 11 मोबाइल फोन, दो राउटर और ₹76,000 नकद जब्त किए। आरोपियों के पास किसी भी प्रकार का वैध कॉल‑सेंटर संचालन लाइसेंस या परमिट नहीं पाया गया। गिरफ्तार आरोपियों में Sagar Gupta, अभिषेक सुर्यप्रकाश सिंह, तनमय कुमार राजनीश धडसिंग, शैलेश मनोहर शेट्टी और रोहन मोहद् अंसारी शामिल हैं।

अपराध का तरीका बेहद सुनियोजित था। आरोपियों ने विदेशी लहजे का इस्तेमाल कर कॉलिंग की और पारदर्शी दस्तावेज दिखाकर लोगों को विश्वास दिलाया। लगभग 200 संदेश भेजे गए, जिनमें से करीब 100 लोगों ने कॉल बैक किया। इस तरह से कॉल‑सेंटर ने विदेशी नागरिकों से नकदी की मांग कर उनके धन को अवैध रूप से हड़प लिया।

कानूनी कार्रवाई के तहत पुलिस ने Information Technology Act 2000 की धारा 66(C) और 66(D), Telegraph Act 1885 की धारा 3(1) व 42(1) तथा भारतीय दंड संहिता की अन्य धाराओं के अंतर्गत मामला दर्ज किया है। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई डिजिटल और वित्तीय अपराधों के बढ़ते स्वरूप पर प्रकाश डालती है और विदेश में रहने वाले नागरिकों के प्रति चेतावनी स्वरूप है।

मुंबई पुलिस की इस कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अंतरराष्ट्रीय स्कैम रैकेट अब स्थानीय कॉल‑सेंटर नेटवर्क के माध्यम से भी संचालित किए जा रहे हैं। यह न केवल अपराधियों के खिलाफ महत्वपूर्ण कदम है बल्कि डिजिटल वित्तीय सुरक्षा और नागरिकों की सतर्कता बढ़ाने में भी अहम योगदान देता है। इस भंडाफोड़ से यह संदेश गया कि सुरक्षा एजेंसियां अंतरराष्ट्रीय और घरेलू वित्तीय अपराध के खिलाफ सतत निगरानी रख रही हैं और ऐसे अपराधों को बेनकाब करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही हैं।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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