एकोंडी में 1.68 करोड़ की जल योजना पर सवाल, गंदे पानी से परेशान ग्रामीणों ने जांच मांगी
एकोंडी में 1.68 करोड़ की जल जीवन मिशन योजना के बावजूद गंदा पानी मिलने से ग्रामीणों ने जांच की मांग की, सात दिन में कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी।

तस्वीर में ग्रामीण कागल कार्यालय में ज्ञापन सौंपते हुए नजर आ रहे हैं।
कागल तालुका क्षेत्र के मौजे एकोंडी में जल जीवन मिशन के तहत मंजूर करीब 1 करोड़ 68 लाख रुपये की पेयजल योजना का काम अब सवालों के घेरे में है। योजना पर बड़ी राशि खर्च होने के बावजूद गांव के नागरिकों को गंदा और दूषित पानी मिल रहा है। ग्रामीणों ने योजना के काम में भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की वरिष्ठ स्तर की समिति से तत्काल जांच कराने की मांग जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी से की है।
इस संबंध में वैभव चंदर फासके, विपुल सुरेश मगदुम और विनायक रघुनाथ पाटील ने ग्रामीणों की ओर से ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में कहा गया है कि जल जीवन मिशन का मुख्य उद्देश्य गांव के प्रत्येक घर तक शुद्ध और पर्याप्त पानी पहुंचाना है, लेकिन योजना पूरी होने का दावा किए जाने के बाद भी गांव में गंदा और दूषित पानी पहुंच रहा है। इससे नागरिकों के स्वास्थ्य का प्रश्न खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने छोटे बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य को लेकर भी चिंता जताई है।
ग्रामीणों के अनुसार, गांव की जल वितरण व्यवस्था में लगाए गए वाल्व उचित तकनीकी पद्धति और नियोजन के अनुसार स्थापित नहीं किए गए हैं। संबंधित काम स्वीकृत अनुमानपत्र के अनुसार नहीं किए जाने का आरोप भी लगाया गया है। योजना की निगरानी करने वाले संबंधित अधिकारियों और ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर भी ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं।
ज्ञापन में बताया गया है कि अगस्त महीने में हुई ग्रामसभा में जल जीवन मिशन के काम की जांच कराने संबंधी प्रस्ताव ग्रामीणों की मौजूदगी में सर्वसम्मति से मंजूर किया गया था। इस प्रस्ताव की प्रति भी शिकायत के साथ संलग्न की गई है।
ग्रामीणों ने यह भी दावा किया है कि योजना शुरू होने के बाद से लीकेज निकालने के लिए बड़ी मात्रा में खर्च किया गया है। साथ ही, शिकायत दर्ज कराए जाने की जानकारी मिलने के बाद 29 अगस्त 2026 को योजना का बचा हुआ काम जल्दबाजी में पूरा किए जाने का आरोप लगाया गया है। ग्रामीणों ने इस मामले की भी जांच कराने की मांग की है।
ग्रामीणों ने योजना के पूरे काम की वरिष्ठ समिति के माध्यम से जांच कराने, घटिया काम करने वाले ठेकेदार के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई कर उसे काली सूची में डालने और काम की निगरानी करने वाले तथा दोषी पाए जाने वाले संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की है। इसके अलावा जल वितरण व्यवस्था के वाल्वों को उचित तकनीकी पद्धति से दोबारा स्थापित कर गांव में शुद्ध पानी की आपूर्ति सुचारु करने की मांग की गई है।
ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि सात दिनों के भीतर शिकायत पर संज्ञान नहीं लिया गया तो एकोंडी के ग्रामीणों की ओर से संबंधित कार्यालय पर ‘घागर मोर्चा’ निकाला जाएगा। इसके साथ ही लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन और अनशन करने की चेतावनी भी दी गई है।
ज्ञापन की प्रतियां जिला परिषद कोल्हापुर, पंचायत समिति कागल और ग्रामसेवक, एकोंडी को भी सौंपी गई हैं। अब ग्रामीणों की शिकायत और ग्रामसभा के सर्वसम्मत प्रस्ताव के बाद जल जीवन मिशन की इस योजना के काम की जांच और आगे की प्रशासनिक कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।

Vijay Morbale, Kolhapur
पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)
शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा
परिचय:
विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।
कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:
विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।
पत्रकारिता का दृष्टिकोण:
सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।
ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।
