सेवा संकल्प अभियान के तहत ‘फुले समृद्ध ग्राम’ उपक्रम में कोगील बुद्रुक में शेती यांत्रिकीकरण और आधुनिक ड्रोन तकनीक के माध्यम से ऊस की फसल पर ‘फुले द्रवरूप सूक्ष्म अन्नद्रव्य’ के छिड़काव का प्रात्यक्षिक किया गया। इस दौरान किसानों और उपस्थित लोगों को आधुनिक खेती में ड्रोन तकनीक के प्रभावी इस्तेमाल की जानकारी दी गई।

प्रात्यक्षिक की शुरुआत में कृषि अभियांत्रिकी विभाग के प्राध्यापक Er. एस. के. जाधव ने शेती यांत्रिकीकरण के महत्व, आधुनिक खेती में ड्रोन तकनीक की जरूरत, इसके विभिन्न उपयोग और फायदों के बारे में मार्गदर्शन किया। उन्होंने बताया कि ड्रोन के माध्यम से कम समय में बड़े क्षेत्र में फसल पर छिड़काव किया जा सकता है। इससे फवारणी का काम अधिक प्रभावी तरीके से किया जा सकता है।

इसके बाद ड्रोन के मालिक प्रवीण पाटील ने ड्रोन के नेविगेशन, GPS प्रणाली, नियंत्रण और कार्यप्रणाली की जानकारी दी। GPS की मदद से छिड़काव के क्षेत्र का निर्धारण, ड्रोन की योजना और नियंत्रण तथा फवारणी की प्रक्रिया किस तरह संचालित की जाती है, इसका उन्होंने प्रत्यक्ष प्रात्यक्षिक के माध्यम से स्पष्टीकरण किया।

इसके बाद ऊस के एक एकड़ क्षेत्र में ड्रोन के माध्यम से ‘फुले द्रवरूप सूक्ष्म अन्नद्रव्य’ का प्रत्यक्ष छिड़काव किया गया। खास बात यह रही कि एक एकड़ क्षेत्र की फवारणी महज करीब पांच मिनट में पूरी की गई। इससे उपस्थित लोगों ने प्रत्यक्ष देखा कि पारंपरिक पद्धति की तुलना में ड्रोन तकनीक के जरिए कम समय में फवारणी का काम पूरा किया जा सकता है।

इस अवसर पर महाविद्यालय के रा.वे. समन्वयक डॉ. बी. टी. कोलगणे, मृदाशास्त्र विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. डी. एस. पोद्दार तथा कृषि अभियांत्रिकी विभाग के प्राध्यापक Er. एस. के. जाधव उपस्थित थे।

कार्यक्रम का प्रस्तावना, संचालन और आभार प्रदर्शन ऋषिका माने ने किया। श्री. संताजी सांगावे ने ड्रोन तकनीक के संबंध में अपने विचार व्यक्त किए। प्रात्यक्षिक के आयोजन में पूजा नाळे, गौरी खाटपे, संध्या पेटकर, प्रांजल मांजरे और प्राजक्ता पाटील ने सहयोग किया।

कोगील बुद्रुक में हुए इस प्रात्यक्षिक में ऊस की फसल पर ड्रोन से ‘फुले द्रवरूप सूक्ष्म अन्नद्रव्य’ की फवारणी कर आधुनिक शेती यांत्रिकीकरण के व्यावहारिक इस्तेमाल को सामने रखा गया। एक एकड़ क्षेत्र में करीब पांच मिनट में फवारणी पूरी होने से उपस्थित किसानों को ड्रोन तकनीक की कार्यक्षमता का प्रत्यक्ष अनुभव मिला।

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Vijay Morbale, Kolhapur

Vijay Morbale, Kolhapur

पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)

शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा

परिचय:

विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।

कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:

विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।

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