नंदुरबार में घरकुल और नरेगा जैसी प्रमुख विकास योजनाओं के तहत जिम्मेदारी निर्धारण में उत्पन्न समस्याओं ने प्रशासनिक स्तर पर तनाव बढ़ा दिया है। महाराष्ट्र विकास सेवा राजपत्रित अधिकारी संघटना की नंदुरबार जिला इकाई ने इन अड़चनों के समाधान की तात्कालिक मांग करते हुए मुख्य कार्यकारी अधिकारी नमन गोयल को औपचारिक निवेदन सौंपा है।

समस्या गंभीर होती देख अधिकारी और कर्मचारी प्रवेशद्वार पर सामूहिक रजा आंदोलन पर भी बैठ गए। संघटना का कहना है कि घरकुल और नरेगा कार्यक्रमों के अंतर्गत जिम्मेदारियों के अस्पष्ट निर्धारण के कारण कार्यान्वयन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि समस्या का शीघ्र निवारण न होने पर नियमित प्रशासनिक कार्य सुचारू रूप से चलना मुश्किल हो जाएगा।

निवेदन में स्पष्ट किया गया है कि यदि शासन स्तर पर तत्काल निर्णय नहीं लिया गया, तो सामूहिक रजा आंदोलन अनिश्चित काल तक जारी रहेगा। इस निवेदन पर संघटना के जिला अध्यक्ष चंद्रकांत पवार, सचिव गणेश मोरे, उपाध्यक्ष उदय कुसुरकर, समन्वयक ईश्वर पवार, कार्याध्यक्ष देवीदास देवरे, सहअध्यक्ष अनिल बिरहाड़े सहित अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी, उपमुख्य कार्यकारी अधिकारी, गटविकास अधिकारी और सहायक गटविकास अधिकारी के नाम शामिल हैं।

जिला मुख्यालय में हुए इस सामूहिक विरोध ने प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है, जबकि अधिकारी लगातार इस बात पर जोर दे रहे हैं कि योजनाओं के सुचारू संचालन के लिए स्पष्ट दिशा–निर्देश और जिम्मेदारी निर्धारण अत्यंत आवश्यक है। अब सभी की निगाहें शासन के अगले कदम पर टिकी हैं।नंदुरबार में घरकुल और नरेगा जैसी प्रमुख विकास योजनाओं के तहत जिम्मेदारी निर्धारण में उत्पन्न समस्याओं ने प्रशासनिक स्तर पर तनाव बढ़ा दिया है। महाराष्ट्र विकास सेवा राजपत्रित अधिकारी संघटना की नंदुरबार जिला इकाई ने इन अड़चनों के समाधान की तात्कालिक मांग करते हुए मुख्य कार्यकारी अधिकारी नमन गोयल को औपचारिक निवेदन सौंपा है।

समस्या गंभीर होती देख अधिकारी और कर्मचारी प्रवेशद्वार पर सामूहिक रजा आंदोलन पर भी बैठ गए। संघटना का कहना है कि घरकुल और नरेगा कार्यक्रमों के अंतर्गत जिम्मेदारियों के अस्पष्ट निर्धारण के कारण कार्यान्वयन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि समस्या का शीघ्र निवारण न होने पर नियमित प्रशासनिक कार्य सुचारू रूप से चलना मुश्किल हो जाएगा।

निवेदन में स्पष्ट किया गया है कि यदि शासन स्तर पर तत्काल निर्णय नहीं लिया गया, तो सामूहिक रजा आंदोलन अनिश्चित काल तक जारी रहेगा। इस निवेदन पर संघटना के जिला अध्यक्ष चंद्रकांत पवार, सचिव गणेश मोरे, उपाध्यक्ष उदय कुसुरकर, समन्वयक ईश्वर पवार, कार्याध्यक्ष देवीदास देवरे, सहअध्यक्ष अनिल बिरहाड़े सहित अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी, उपमुख्य कार्यकारी अधिकारी, गटविकास अधिकारी और सहायक गटविकास अधिकारी के नाम शामिल हैं।

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निवेदन में स्पष्ट किया गया है कि यदि शासन स्तर पर तत्काल निर्णय नहीं लिया गया, तो सामूहिक रजा आंदोलन अनिश्चित काल तक जारी रहेगा। इस निवेदन पर संघटना के जिला अध्यक्ष चंद्रकांत पवार, सचिव गणेश मोरे, उपाध्यक्ष उदय कुसुरकर, समन्वयक ईश्वर पवार, कार्याध्यक्ष देवीदास देवरे, सहअध्यक्ष अनिल बिरहाड़े सहित अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी, उपमुख्य कार्यकारी अधिकारी, गटविकास अधिकारी और सहायक गटविकास अधिकारी के नाम शामिल हैं।

जिला मुख्यालय में हुए इस सामूहिक विरोध ने प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है, जबकि अधिकारी लगातार इस बात पर जोर दे रहे हैं कि योजनाओं के सुचारू संचालन के लिए स्पष्ट दिशा–निर्देश और जिम्मेदारी निर्धारण अत्यंत आवश्यक है। अब सभी की निगाहें शासन के अगले कदम पर टिकी हैं।नंदुरबार में घरकुल और नरेगा जैसी प्रमुख विकास योजनाओं के तहत जिम्मेदारी निर्धारण में उत्पन्न समस्याओं ने प्रशासनिक स्तर पर तनाव बढ़ा दिया है। महाराष्ट्र विकास सेवा राजपत्रित अधिकारी संघटना की नंदुरबार जिला इकाई ने इन अड़चनों के समाधान की तात्कालिक मांग करते हुए मुख्य कार्यकारी अधिकारी नमन गोयल को औपचारिक निवेदन सौंपा है।

समस्या गंभीर होती देख अधिकारी और कर्मचारी प्रवेशद्वार पर सामूहिक रजा आंदोलन पर भी बैठ गए। संघटना का कहना है कि घरकुल और नरेगा कार्यक्रमों के अंतर्गत जिम्मेदारियों के अस्पष्ट निर्धारण के कारण कार्यान्वयन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि समस्या का शीघ्र निवारण न होने पर नियमित प्रशासनिक कार्य सुचारू रूप से चलना मुश्किल हो जाएगा।

निवेदन में स्पष्ट किया गया है कि यदि शासन स्तर पर तत्काल निर्णय नहीं लिया गया, तो सामूहिक रजा आंदोलन अनिश्चित काल तक जारी रहेगा। इस निवेदन पर संघटना के जिला अध्यक्ष चंद्रकांत पवार, सचिव गणेश मोरे, उपाध्यक्ष उदय कुसुरकर, समन्वयक ईश्वर पवार, कार्याध्यक्ष देवीदास देवरे, सहअध्यक्ष अनिल बिरहाड़े सहित अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी, उपमुख्य कार्यकारी अधिकारी, गटविकास अधिकारी और सहायक गटविकास अधिकारी के नाम शामिल हैं।

जिला मुख्यालय में हुए इस सामूहिक विरोध ने प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है, जबकि अधिकारी लगातार इस बात पर जोर दे रहे हैं कि योजनाओं के सुचारू संचालन के लिए स्पष्ट दिशा–निर्देश और जिम्मेदारी निर्धारण अत्यंत आवश्यक है। अब सभी की निगाहें शासन के अगले कदम पर टिकी हैं।नंदुरबार में घरकुल और नरेगा जैसी प्रमुख विकास योजनाओं के तहत जिम्मेदारी निर्धारण में उत्पन्न समस्याओं ने प्रशासनिक स्तर पर तनाव बढ़ा दिया है। महाराष्ट्र विकास सेवा राजपत्रित अधिकारी संघटना की नंदुरबार जिला इकाई ने इन अड़चनों के समाधान की तात्कालिक मांग करते हुए मुख्य कार्यकारी अधिकारी नमन गोयल को औपचारिक निवेदन सौंपा है।

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Pratahkal Newsroom

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