धुले के पुलिस प्रशिक्षण केंद्र में कार्यरत चार लोकसेवकों द्वारा मिलीभगत कर 1 करोड़ 55 लाख रुपये के शासकीय धन के गबन का सनसनीखेज मामला सामने आया है। कानून के रखवालों को प्रशिक्षण देने वाली संस्था में हुए इस करोड़ों रुपये के घोटाले ने प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा दिया है।

जानकारी के अनुसार, दिसंबर 2024 से अप्रैल 2026 के बीच चारों लोकसेवकों ने ऑनलाइन 'सेवार्थ' वेतन प्रणाली में अवैध रूप से फेरबदल कर शासन को करोड़ों रुपये का चूना लगाया। आरोप है कि किसी भी प्रकार का एरियर देय नहीं होने के बावजूद उन्होंने अपने ही बैंक खातों में फर्जी बेसिक एरियर्स दर्ज कराकर 1 करोड़ 55 लाख रुपये की शासकीय राशि का गबन किया।

मामले का खुलासा होने के बाद धुले शहर पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत धोखाधड़ी और शासकीय धन के गबन का मामला दर्ज किया गया। इसके बाद बुधवार देर रात चारों संदिग्ध आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।

जिला पुलिस अधीक्षक विशाल आनंद ने आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि मामले की गंभीरता और वित्तीय अनियमितताओं के व्यापक स्वरूप को देखते हुए इसकी विस्तृत जांच धुले की आर्थिक अपराध शाखा को सौंप दी गई है। पुलिस उपाधीक्षक के नेतृत्व में गठित टीम पूरे प्रकरण की गहन जांच कर रही है।

जिस संस्थान में पुलिसकर्मियों को कानून का पालन और उसकी रक्षा करने का प्रशिक्षण दिया जाता है, उसी संस्थान में करोड़ों रुपये के शासकीय धन के गबन का यह मामला सामने आने से प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अब आर्थिक अपराध शाखा की जांच से इस पूरे घोटाले के सभी पहलुओं और इसमें शामिल अन्य संभावित जिम्मेदार लोगों की भूमिका पर भी महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है।

Pratahkal Bureau

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