शिरपुर: धुले जिले में किसानों के लिए स्वतंत्र RWBCIS/PMFBY फल फसल बीमा कार्यालय अथवा सक्षम स्वतंत्र शिकायत निवारण व्यवस्था उपलब्ध नहीं होने का आरोप लगाते हुए ग्रामनिष्ठा संघर्ष समिति ने तत्काल स्वतंत्र फसल बीमा कार्यालय शुरू करने की मांग की है। समिति ने कृषि आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर कार्यालय उपलब्ध नहीं कराने के पीछे के प्रशासनिक कारणों और संभावित हितों की उच्चस्तरीय जांच की भी मांग की है।

समिति के अध्यक्ष भूषण माधव बागुल ने यह ज्ञापन सौंपा। समिति के अनुसार धुले जिले में हजारों किसान केला, अनार, पपीता, अमरूद, आम, नींबू वर्गीय तथा अन्य विभिन्न फल फसलों की खेती कर अपनी आजीविका चलाते हैं। प्राकृतिक आपदा, बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि, तेज हवाओं, अत्यधिक बारिश जैसी परिस्थितियों से किसानों को आर्थिक सुरक्षा देने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) और मौसम आधारित फल फसल बीमा योजना (RWBCIS) लागू की जाती हैं।

हालांकि, धुले जिले में किसानों के लिए आसानी से उपलब्ध स्वतंत्र फसल बीमा कार्यालय या सक्षम शिकायत निवारण व्यवस्था नहीं होने के कारण बीमा दावे, मुआवजा, कानूनी सत्यापन, नुकसान का पंजीकरण, शिकायत और अपील के लिए किसानों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, ऐसा समिति ने ज्ञापन में कहा है।

समिति ने कहा, “किसान बीमा की किस्त भरता है और सरकार की योजना पर भरोसा करता है; लेकिन प्राकृतिक आपदा में फसल नष्ट होने के बाद मुआवजा पाने के लिए उसी किसान को बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। न्याय की व्यवस्था किसानों के जिले में ही उपलब्ध होनी चाहिए।”

जलगांव जिले में फल फसल बीमा के लिए स्वतंत्र कार्यालय की सुविधा उपलब्ध होने का उल्लेख करते हुए समिति ने सवाल उठाया है कि धुले जिले के किसानों को इसी प्रकार की सुविधा से वंचित क्यों रखा गया है। समिति ने यह भी मांग की है कि धुले जिले में स्वतंत्र कार्यालय शुरू करने के संबंध में संबंधित कृषि अधिकारियों ने सरकार के पास प्रस्ताव भेजा है या नहीं, यदि भेजा है तो उस पर क्या कार्रवाई हुई और कार्यालय शुरू करने में देरी के पीछे प्रशासनिक कारण क्या हैं, इसकी जांच की जाए।

इसके साथ ही कृषि विभाग के संबंधित अधिकारियों और बीमा कंपनी के बीच किसी भी प्रकार के आर्थिक अथवा प्रशासनिक हितसंबंध हैं या नहीं, इसकी स्वतंत्र जांच करने की मांग भी समिति ने की है।

ग्रामनिष्ठा संघर्ष समिति ने धुले जिले में तत्काल स्वतंत्र RWBCIS/PMFBY फल फसल बीमा कार्यालय शुरू करने, सभी तालुकों में किसानों के लिए आसानी से उपलब्ध तालुका स्तर की बीमा सेवा और हेल्पडेस्क व्यवस्था बनाने तथा बीमा दावे, मुआवजा, नुकसान पंजीकरण, शिकायत और अपील के लिए जिम्मेदार अधिकारी नियुक्त करने की मांग की है।

समिति ने लंबित फल फसल बीमा दावों और शिकायतों की विशेष समीक्षा कर उनका समयबद्ध निपटारा करने तथा किसानों को बीमा दावे की वर्तमान स्थिति, मंजूरी अथवा अस्वीकृति का कारण और मुआवजे की जानकारी उपलब्ध कराने के लिए स्वतंत्र संपर्क व्यवस्था शुरू करने की मांग भी की है।

ज्ञापन में कार्यालय उपलब्ध नहीं कराने के पीछे लिए गए प्रशासनिक निर्णय की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच, संबंधित अधिकारियों और बीमा कंपनी के बीच संभावित आर्थिक अथवा प्रशासनिक हितसंबंधों की जांच तथा जांच में अनियमितता पाए जाने पर संबंधित अधिकारी अथवा जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की गई है।

समिति ने चेतावनी दी है कि ठोस और सकारात्मक कार्रवाई नहीं होने पर धुले जिले के किसानों को साथ लेकर लोकतांत्रिक तरीके से धरना आंदोलन, रास्ता रोको तथा तहसीलदार और जिलाधिकारी कार्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

समिति ने स्पष्ट किया, “धुले जिले के किसान कोई विशेष रियायत नहीं मांग रहे हैं। अन्य जिलों के किसानों को उपलब्ध सुविधाएं धुले जिले के किसानों को भी मिलनी चाहिए, यही हमारी न्यायसंगत मांग है।” स्वतंत्र फसल बीमा कार्यालय, शिकायत निवारण व्यवस्था और लंबित दावों के निपटारे की इन मांगों को लेकर समिति ने प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई की मांग उठाई है।

Pratahkal Newsroom

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