परिश्रम और स्वावलंबी जीवन में ही है सच्ची सार्थकता: मुरगूड में कॉ. भीमराव कांबळे का प्रेरक उद्बोधन
कोल्हापुर के मुरगूड में कै. दीपक वर्णे की 14वीं पुण्यतिथि पर आयोजित व्याख्यान में कॉ. भीमराव कांबळे ने परिश्रम, सत्य और स्वावलंबी जीवन का संदेश दिया।

मुरगूड के विरंगुळा केंद्र में आयोजित कार्यक्रम की तस्वीर में उपस्थित वरिष्ठ नागरिक और अतिथि कै. दीपक वर्णे की तस्वीर के समक्ष दीप प्रज्वलित करते हुए।
कोल्हापुर के मुरगूड स्थित ज्येष्ठ नागरिक संघ के विरंगुळा केंद्र में सामाजिक कार्यकर्ता, कवि और साहित्यकार कै. दीपक वर्णे की 14वीं पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित व्याख्यान में सर्वोदय मंडल के जिलाध्यक्ष कॉ. भीमराव कांबळे ने कहा कि महात्मा गांधी, महात्मा फुले और डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के विचार आज भी समाज को दिशा देने वाले हैं। उन्होंने कहा कि उनके सिद्धांतों के अनुसार सत्य का मार्ग अपनाकर परिश्रमपूर्वक और स्वावलंबी जीवन जीने में ही वास्तविक सार्थकता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता सखाराम सावर्डेकर ने की। इस अवसर पर ज्येष्ठ कवि भैरवनाथ डवरी और मनाजी सासणे प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम का स्वागत और प्रास्ताविक पत्रकार प्रा. सुनिल डेळेकर ने किया।
अपने संबोधन में भैरवनाथ डवरी ने कहा, "कै. दीपक वर्णे ने समाज से हमेशा अपना जुड़ाव बनाए रखा। उन्होंने स्वाभिमान के साथ जीवन जीते हुए परिस्थितियों पर विजय प्राप्त की। उनका पारिवारिक त्याग और संघर्ष आज की पीढ़ी के लिए आदर्श है।"
निवृत्त गटशिक्षणाधिकारी पी. आर. पाटील ने प्रदीप वर्णे के अपने भाई के प्रति आत्मीय संबंधों की सराहना करते हुए कहा कि उनकी स्मृति में प्रतिवर्ष पुण्यतिथि का आयोजन करना आज के समय में एक दुर्लभ आदर्श है। इस अवसर पर आदर्श शिक्षक अशोक डवरी और प्रदीप वर्णे ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम में जयवंत हावळ, शाहू फर्नांडिस, प्रा. तुकाराम पाटील, कॉ. बबन बारदेस्कर, सिकंदर जमादार, बळीराम पाटील सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सचिन सुतार ने कार्यक्रम का संचालन किया, जबकि प्रा. किशोर पाटील ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के दौरान कै. दीपक वर्णे की प्रतिमा पर पुष्पहार अर्पित कर उपस्थित मान्यवरों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके समाजाभिमुख कार्यों की प्रेरणादायी विरासत को स्मरण किया।

Vijay Morbale, Kolhapur
पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)
शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा
परिचय:
विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।
कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:
विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।
पत्रकारिता का दृष्टिकोण:
सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।
ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।
