दादासो लवटे के मार्गदर्शन में भारत अंडर-15 महिला कुश्ती टीम बनी एशियाई उपविजेता
ईलैंड के पटाया में आयोजित एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में भारतीय जूनियर महिला टीम ने 3 स्वर्ण समेत कुल 8 पदक जीतकर इतिहास रचा।

तस्वीर में अंतरराष्ट्रीय कुश्ती प्रशिक्षक पै. दादासो लवटे थाईलैंड के पटाया में भारतीय अंडर-15 महिला कुश्ती टीम के खिलाड़ियों के साथ नजर आ रहे हैं।
मुरगुड के सुपुत्र और अंतरराष्ट्रीय कुश्ती प्रशिक्षक पै. दादासो लवटे ने एक बार फिर अपने उत्कृष्ट प्रशिक्षण कौशल का एशियाई स्तर पर लोहा मनवाया है। उनके प्रभावी मार्गदर्शन में भारत की 15 वर्ष से कम आयु वर्ग की महिला कुश्ती टीम ने 28 जून को थाईलैंड के पटाया में आयोजित एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए टीम उपविजेता का खिताब हासिल कर देश का गौरव बढ़ाया।
इस प्रतियोगिता में भारतीय महिला टीम ने 3 स्वर्ण, 2 रजत और 3 कांस्य सहित कुल 8 पदक जीतकर एशिया में दूसरा स्थान प्राप्त किया। भारतीय महिला पहलवानों की इस उल्लेखनीय सफलता के पीछे कुश्ती कोच पै. दादासो लवटे की योजनाबद्ध ट्रेनिंग, सटीक रणनीति और प्रेरणादायी मार्गदर्शन की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
विशेष बात यह है कि पै. दादासो लवटे के मार्गदर्शन में भारतीय अंडर-15 महिला कुश्ती टीम ने लगातार दूसरे वर्ष एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में उपविजेता बनने का ऐतिहासिक कारनामा किया है। इससे पहले वर्ष 2025 में किर्गिस्तान में आयोजित प्रतियोगिता में भी भारतीय अंडर-15 महिला टीम ने उनके नेतृत्व में एशियाई उपविजेता का सम्मान हासिल किया था। एक ही आयु वर्ग की भारतीय टीम को लगातार दो वर्षों तक एशियाई स्तर पर उपविजेता बनाने की उल्लेखनीय उपलब्धि पै. दादासो लवटे के नाम दर्ज हो गई है।
पै. दादासो लवटे की इस शानदार सफलता पर भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष संजय सिंह, लोकनेता सदाशिवराव मंडलिक राष्ट्रीय (SAI) कुश्ती संकुल, मुरगुड के प्रमुख एवं पूर्व सांसद संजयदादा मंडलिक तथा संकुल के कार्याध्यक्ष एडवोकेट विरेंद्र भैय्या मंडलिक ने उन्हें बधाई देते हुए आगामी सफलताओं के लिए शुभकामनाएं दीं।
इसके अलावा SAI के पूर्व राज्य समन्वयक चंद्रकांत चव्हाण तथा मंडलिक कुश्ती संकुल के खिलाड़ियों को सेवाभाव से चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने वाले डॉ. प्रशांत अथनी ने भी पै. दादासो लवटे के कार्य की सराहना की। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उनके मार्गदर्शन में भविष्य में भी भारतीय कुश्ती को विश्वस्तरीय पहलवान मिलते रहेंगे और देश के लिए ऐसी ही स्वर्णिम उपलब्धियां हासिल होती रहेंगी।
मुरगुड की धरती से निकले इस प्रशिक्षक ने लगातार दूसरी बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत को सम्मानजनक स्थान दिलाकर न केवल कोल्हापुर जिले, बल्कि पूरे खेल जगत को गौरवान्वित किया है। उनकी इस उपलब्धि पर कोल्हापुर सहित खेल क्षेत्र में उन्हें लगातार बधाइयां दी जा रही हैं।

Vijay Morbale, Kolhapur
पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)
शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा
परिचय:
विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।
कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:
विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।
पत्रकारिता का दृष्टिकोण:
सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।
ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।
