1925 के तिलक ब्रिज को मिलेगी नवसंजीवनी ; 2027 से शुरू होगी छह लेन की हाईटेक कनेक्टिविटी
मुंबई के दादर में स्थित लगभग 100 साल पुराने तिलक ब्रिज की जगह 375 करोड़ रुपये की लागत से छह लेन वाला आधुनिक ट्विन केबल-स्टे ब्रिज बनाया जा रहा है। परियोजना का पहला चरण 2027 में शुरू होने की संभावना है, जबकि पूरा पुल 2028-29 तक तैयार होगा।

मुंबई के दादर में स्थित ऐतिहासिक तिलक ब्रिज स्टेशन
मुंबई की पहचान सिर्फ उसकी लोकल ट्रेनों और गगनचुंबी इमारतों से ही नहीं, बल्कि उन ऐतिहासिक ढांचों से भी जुड़ी है जिन्होंने दशकों तक शहर की जीवनरेखा का काम किया है। अब ऐसा ही एक ऐतिहासिक ढांचा, दादर स्थित लगभग 100 वर्ष पुराना तिलक ब्रिज, जल्द ही इतिहास का हिस्सा बनने जा रहा है। इसकी जगह एक अत्याधुनिक छह लेन वाला ट्विन केबल-स्टे ब्रिज बनाया जा रहा है, जो न केवल मुंबई की बदलती जरूरतों को पूरा करेगा बल्कि शहर के बुनियादी ढांचे को भी नई पहचान देगा।
महाराष्ट्र रेल इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एमआरआईडीसी/महारेल) और बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के संयुक्त प्रयास से तैयार हो रहा यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट दादर पूर्व और दादर पश्चिम के बीच यातायात को अधिक सुगम बनाने के उद्देश्य से विकसित किया जा रहा है। वर्षों से बढ़ते ट्रैफिक दबाव और संरचनात्मक चुनौतियों का सामना कर रहे तिलक ब्रिज को अब आधुनिक इंजीनियरिंग के अनुरूप नए स्वरूप में परिवर्तित किया जा रहा है।
वर्ष 1925 में ब्रिटिश शासनकाल के दौरान निर्मित तिलक ब्रिज ने लगभग एक सदी तक मुंबईकरों की सेवा की है। हालांकि समय के साथ यह पुल दादर पूर्व और पश्चिम के बीच आवागमन का एक प्रमुख बाधा बिंदु बन गया। यातायात का लगातार बढ़ता दबाव और संरचनात्मक ऑडिट में सामने आई दीर्घकालिक सुरक्षा संबंधी चिंताओं ने प्रशासन को केवल मरम्मत के बजाय पुल के पूर्ण पुनर्निर्माण का निर्णय लेने के लिए प्रेरित किया।
नया पुल आधुनिक ट्विन केबल-स्टे रोड ओवरब्रिज के रूप में विकसित किया जा रहा है। लगभग 600 मीटर लंबा यह ढांचा छह लेन का होगा, जिसमें दोनों दिशाओं में तीन-तीन लेन उपलब्ध रहेंगी। परियोजना की अनुमानित लागत करीब 375 करोड़ रुपये है। नए पुल की ऊंचाई और डिजाइन भी मौजूदा संरचना की तुलना में अधिक उन्नत होगी। जहां वर्तमान पुल की वर्टिकल क्लियरेंस लगभग 4.5 मीटर है, वहीं नए पुल में इसे बढ़ाकर लगभग 6.5 मीटर किया जा रहा है। यह पुल सेंट्रल रेलवे ट्रैक के ऊपर से दादर पूर्व और पश्चिम को जोड़ेगा तथा भविष्य की यातायात आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जा रहा है।
मुंबई जैसे व्यस्त महानगर में किसी महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग को बंद किए बिना निर्माण कार्य पूरा करना एक बड़ी चुनौती है। इसी कारण इंजीनियरों ने नए पुल का निर्माण मौजूदा तिलक ब्रिज के समानांतर करने की रणनीति अपनाई है। परियोजना के पहले चरण में तीन लेन वाला पहला कैरिजवे तैयार किया जा रहा है। इसके चालू होते ही यातायात को नए हिस्से पर स्थानांतरित कर दिया जाएगा और उसके बाद पुराने तिलक ब्रिज को चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा। दूसरे चरण में शेष तीन लेन का निर्माण पूरा किया जाएगा, जिसके बाद यह पुल पूर्ण रूप से छह लेन के आधुनिक संपर्क मार्ग के रूप में कार्य करेगा।
परियोजना से जुड़े नवीनतम अपडेट के अनुसार, पुल का पहला तीन लेन वाला हिस्सा वर्ष 2027 के दौरान यातायात के लिए खोलने की योजना है। वहीं संपूर्ण छह लेन वाली संरचना के 2028-29 तक पूरी तरह तैयार होने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि अंतिम समयसीमा निर्माण प्रगति और आवश्यक मंजूरियों पर निर्भर करेगी।
नया तिलक ब्रिज मुंबई के यातायात ढांचे में कई महत्वपूर्ण बदलाव लाने वाला है। दादर पूर्व और पश्चिम के बीच यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है। वर्तमान में चार लेन की क्षमता वाले मार्ग की जगह छह लेन उपलब्ध होने से निजी वाहनों, बसों, टैक्सियों और वाणिज्यिक वाहनों की आवाजाही अधिक सुचारु हो सकेगी। साथ ही लगभग एक सदी पुराने पुल के स्थान पर आधुनिक संरचना के आने से सुरक्षा और स्थायित्व दोनों में सुधार होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह केवल एक पुल नहीं, बल्कि मुंबई के शहरी विकास की नई पहचान बन सकता है। केबल-स्टे डिजाइन इसे इंजीनियरिंग की दृष्टि से आकर्षक और आधुनिक बनाएगा, जिससे यह भविष्य में शहर के प्रमुख अवसंरचनात्मक स्थलों में शामिल हो सकता है। वर्तमान स्थिति की बात करें तो वर्ष 2026 में परियोजना का पहला चरण उल्लेखनीय प्रगति दर्ज कर चुका है। नींव, पिलर और सुपर-स्ट्रक्चर से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्य जारी हैं। अधिकारियों के अनुसार, वर्ष की शुरुआत में पहले चरण का लगभग 40 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका था, जबकि दूसरे चरण की तैयारियां भी समानांतर रूप से आगे बढ़ रही हैं।
दादर मुंबई का सबसे व्यस्त परिवहन केंद्रों में से एक है, जहां सेंट्रल और वेस्टर्न रेलवे नेटवर्क का महत्वपूर्ण संपर्क स्थापित होता है और प्रतिदिन लाखों यात्री इस क्षेत्र से गुजरते हैं। ऐसे में नया तिलक ब्रिज केवल एक निर्माण परियोजना नहीं, बल्कि मुंबई की भविष्य की गतिशीलता, कनेक्टिविटी और शहरी विकास का महत्वपूर्ण आधार बनने जा रहा है। लगभग एक सदी तक शहर की सेवा करने वाले ऐतिहासिक पुल की जगह लेने वाला यह नया ढांचा आने वाले वर्षों में मुंबई के परिवहन मानचित्र को नई दिशा देने की क्षमता रखता है।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
