अमरावती शहर में अपराध नियंत्रण को लेकर क्राइम पुलिस की सतर्कता एक बार फिर सुर्खियों में है। शहर पुलिस आयुक्तालय की तथाकथित ‘रीढ़’ मानी जाने वाली क्राइम शाखा ने एक बार फिर अपने दायित्व को निभाते हुए कुख्यात अपराधी मनीष अनिल जोशी को गिरफ्तार कर बड़ा खुलासा किया है। इस कार्रवाई के बाद खुफिया इकाई की कार्यप्रणाली और सतर्कता पर सवाल खड़े हो गए हैं।

पार्वती नगर निवासी मनीष जोशी पर शहर के कोतवाली, खोल्हापुरी गेट सहित जिले के कई पुलिस स्टेशनों में गंभीर अपराध दर्ज हैं। पिछले कई महीनों से वह नाम बदलकर कटोरा परिसर में रह रहा था, जिसकी जानकारी नांदगांव और गाडगे नगर पुलिस स्टेशन तक को भी नहीं थी। तीन माह पूर्व तिवसा में शांता दादाराव भस्मे के साथ हुई वारदात के सिलसिले में जब जांच आगे बढ़ी, तब क्राइम पुलिस की टीम ने उसकी मौजूदगी का पता लगाया और उसे धर दबोचा।

वरिष्ठ अधिकारी संदीप चव्हाण के मार्गदर्शन में क्राइम पुलिस की इस निर्णायक कार्रवाई को शहर में अपराध नियंत्रण की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वहीं, यह भी सवाल उठ रहा है कि जिलेभर में सक्रिय खुफिया पुलिस को मनीष जोशी की गतिविधियों की भनक कैसे नहीं लगी, जबकि वह लंबे समय से शहर में पहचान छुपाकर रह रहा था। क्राइम शाखा की कार्रवाई ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि शहर में संगीन मामलों की जाँच और फरार अपराधियों की तलाश में यही विभाग सबसे प्रभावी भूमिका निभा रहा है।

सूत्रों के अनुसार, क्राइम पुलिस आने वाले दिनों में शहर के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय भूमाफिया पर भी कड़ी नजर रखने वाली है। अधिकारियों के अनुसार, अपराधियों के नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए सख्त निगरानी और ठोस कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी, ताकि शहर में बढ़ते अपराधों पर अंकुश लगाया जा सके।

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