चिमूर। शबरी आवास योजना के तहत स्वीकृत घरकुल निर्माण कार्य में कथित बाधा और प्रशासनिक स्तर पर समाधान नहीं मिलने से परेशान 75 वर्षीय वृद्ध श्रावण उईके ने पत्रकार परिषद आयोजित कर वरिष्ठ अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि घर निर्माण में विरोध के कारण वे वर्तमान में खुले में रहने को मजबूर हैं।

भिसी पुलिस स्टेशन क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत कोटगांव के हेटी निवासी श्रावण उईके ने बताया कि उन्हें शबरी आवास योजना के अंतर्गत घरकुल स्वीकृत हुआ था तथा लगभग चार माह पूर्व प्रथम किस्त की राशि भी प्राप्त हो चुकी है। इसके बाद उन्होंने अपना पुराना मकान हटाकर नए निर्माण की प्रक्रिया शुरू की और कॉलम निर्माण के लिए गड्ढे भी तैयार किए।

श्रावण उईके का आरोप है कि इसी दौरान उनके बड़े भाई रामकृष्ण उईके और उनके परिवार के सदस्यों ने निर्माण कार्य का विरोध शुरू कर दिया। उन्होंने दावा किया कि यह विरोध बिना किसी वैध कारण के किया जा रहा है और महात्मा गांधी तंटामुक्त गांव समिति के निर्णय को भी नहीं माना जा रहा है।

पत्रकार परिषद में उईके ने यह भी आरोप लगाया कि हेटी स्थित उनकी पैतृक मकान भूमि के रिकॉर्ड में बदलाव किया गया। उनके अनुसार वर्ष 2011 तक कर निर्धारण अभिलेखों में उनकी जमीन 1150 वर्गफुट दर्ज थी, लेकिन वर्ष 2015–16 और 2024–25 के कर अभिलेखों में इसे घटाकर 432 वर्गफुट कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह परिवर्तन स्थानीय ग्राम पंचायत प्रशासन से कथित सांठगांठ के माध्यम से किया गया।

उईके का कहना है कि उन्होंने पंचायत समिति चिमूर कार्यालय में कई बार आवेदन देकर तथा अधिकारियों से मुलाकात कर अपनी पैतृक भूमि के पुराने रिकॉर्ड के आधार पर अधिकार सुनिश्चित करने और घरकुल निर्माण का मार्ग प्रशस्त करने की मांग की, लेकिन उनकी शिकायतों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।

वृद्ध श्रावण उईके ने प्रशासन से आग्रह किया है कि मौके की जांच कर स्थानीय स्तर पर आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं ताकि उनके घरकुल निर्माण में आ रही बाधाएं दूर हो सकें। उनका कहना है कि मकान हटाने के बाद वर्तमान में वे खुले में जीवनयापन कर रहे हैं और वर्षा ऋतु के दौरान स्थिति और अधिक कठिन हो सकती है।

अब इस मामले में स्थानीय प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की आगामी कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।

Manoj Gore (Chandrapur)

Manoj Gore (Chandrapur)

नाम: मनोज रामकृष्ण गोरे

वर्तमान पद: रिपोर्टर (प्रातःकाल)

कार्यक्षेत्र: चंद्रपुर जिला (महाराष्ट्र)

बीट (मुख्य विषय): प्रशासन

परिचय

मनोज रामकृष्ण गोरे महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले से 'प्रातःकाल' समाचार पत्र के रिपोर्टर हैं। वह मुख्य रूप से चंद्रपुर जिले के प्रशासनिक विभागों की कार्यप्रणाली, सरकारी योजनाओं, जनसुनवाई, विकास कार्यों और प्रशासनिक निर्णयों से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव 

मनोज रामकृष्ण गोरे को मीडिया क्षेत्र में ग्राउंड रिपोर्टिंग और समाचार संकलन का 5 वर्ष का अनुभव है। वह पिछले पांच सालों से चंद्रपुर जिले के स्थानीय और प्रशासनिक मुद्दों को नियमित रूप से रिपोर्ट कर रहे हैं।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने कला स्नातक (B.A.) की डिग्री हासिल की है।

Next Story