चंद्रपुर जिले के कोरफना तालुका अंतर्गत नारंडा गांव से प्रशासनिक व्यवस्था को कठघरे में खड़ा करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। गांव का ग्रामपंचायत कार्यालय, जो आम नागरिकों की सेवा और विकास कार्यों का केंद्र माना जाता है, वही परिसर इन दिनों शराबियों के खुले अड्डे में तब्दील हो गया है। कार्यालय के वरांडे में दिनदहाड़े शराब पीकर हंगामा करने और नशे की हालत में पड़े रहने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जिससे प्रशासन की छवि पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

स्थानीय नागरिकों के अनुसार, कुछ लोग बेखौफ होकर ग्रामपंचायत कार्यालय परिसर में ही शराब का सेवन करते हैं और नशे की हालत में वहीं आराम फरमाते नजर आते हैं। इस स्थिति के चलते महिलाओं, बुजुर्गों और विद्यार्थियों में भय का माहौल बन गया है। अपने जरूरी कामों के लिए कार्यालय आने वाले नागरिक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि ऐसे खुलेआम हो रहे कृत्यों के बावजूद ग्रामपंचायत प्रशासन, सरपंच और सचिव की ओर से कोई प्रभावी कदम उठाते नहीं दिख रहा।

नाराज ग्रामीणों का कहना है कि इससे पहले भी इस तरह की घटनाओं की शिकायतें की गई थीं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामपंचायत कार्यालय में अनुशासन, स्वच्छता और सुरक्षा बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है, इसके बावजूद शराबियों को खुली छूट दिए जाने का आरोप लगाया जा रहा है। इस लापरवाही के कारण पूरे कार्यालय की बदनामी हो रही है और ग्रामीणों में रोष लगातार बढ़ता जा रहा है।

ग्रामीणों ने मांग की है कि संबंधित शराबियों के खिलाफ तत्काल मामला दर्ज किया जाए और कार्यालय परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। साथ ही सुरक्षा के लिए पहारेदार की नियुक्ति और पुलिस की नियमित गश्त बढ़ाने की भी मांग जोर पकड़ रही है। अब सवाल यह उठ रहा है कि प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर क्या कार्रवाई करता है। यह मामला पूरे गांव में चर्चा का केंद्र बन चुका है और प्रशासन की अग्निपरीक्षा माना जा रहा है।

Pratahkal Newsroom

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