चंद्रपुर (प्रतिनिधि मनोज गोरे): महाराष्ट्र की पावन धरती पर जब परंपराएं आधुनिकता के रथ पर सवार होती हैं, तो वह केवल एक आयोजन नहीं बल्कि एक जीवंत इतिहास बन जाती हैं। चंद्रपुर जिले के कोरपणा तालुका के अंतर्गत आने वाले ग्राम नारंडा में इस वर्ष भी एक ऐसी ही सदी पुरानी विरासत अपने पूरे वैभव के साथ लौटने को तैयार है। मकर संक्रांति के पावन अवसर पर नारंडा में 13, 14 और 15 जनवरी को ऐतिहासिक 'शंकर पट' (बैलगाड़ी दौड़) का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन पिछले 100 से अधिक वर्षों से अटूट रूप से जारी है, जो न केवल ग्रामीण संस्कृति का दर्पण है बल्कि किसानों के अटूट उत्साह और स्वाभिमान का प्रतीक भी बन चुका है।

नारंडा का यह शंकर पट आज केवल चंद्रपुर तक सीमित नहीं है, बल्कि इसने महाराष्ट्र और पड़ोसी राज्यों में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। इस वर्ष की प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए तेलंगाना, आदिलाबाद, यवतमाल, नांदेड़, चंद्रपुर और समस्त विदर्भ क्षेत्र से चयनात्मक और प्रतिष्ठित बैल जोड़ियाँ नारंडा की ओर कूच कर रही हैं। गति, शक्ति, अनुशासन और कौशल के इस रोमांचक संगम को देखने के लिए प्रतिवर्ष हजारों की संख्या में किसान, युवा और पशु प्रेमी जुटते हैं। धूल उड़ाते मैदान और दौड़ते बैलों की हुंकार यहाँ के वातावरण में एक अलग ही ऊर्जा भर देती है।

तीन दिवसीय इस भव्य महोत्सव का आकर्षण केवल मैदान तक ही सीमित नहीं है। ग्रामीणों और रसिकों के मनोरंजन के लिए ग्रामीण लोककला और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी विशेष रूपरेखा तैयार की गई है। आयोजन के दूसरे दिन, यानी 14 जनवरी को विदर्भ की प्रसिद्ध 'झाड़ीपट्टी' नाटक का भव्य मंचन किया जाएगा। झाड़ीपट्टी रंगमंच विदर्भ की ग्रामीण संस्कृति का एक अनिवार्य हिस्सा है, जो न केवल मनोरंजन करता है बल्कि समाज को एक गहरा संदेश भी देता है। इस नाटक को लेकर पूरे परिसर में अभी से ही जबरदस्त उत्सुकता देखी जा रही है।

गांव के बुजुर्गों का मानना है कि यह शंकर पट केवल एक खेल स्पर्धा नहीं, बल्कि पीढ़ियों से संजोई गई श्रद्धा और विरासत है। आधुनिकता के इस दौर में भी नारंडा के ग्रामीणों ने अपनी जड़ों को मजबूती से थामे रखा है। इस वृहद आयोजन से न केवल सामाजिक समरसता और एकजुटता बढ़ती है, बल्कि स्थानीय व्यापार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी एक नई दिशा मिलती है। इस वर्ष के सफल क्रियान्वयन के लिए समस्त ग्रामवासी, युवा मंडल और आयोजकों द्वारा कड़ी मेहनत की जा रही है, ताकि यह तीन दिवसीय उत्सव पूरी गरिमा और शांति के साथ संपन्न हो सके।

Pratahkal Bureau

Pratahkal Bureau

प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story